कोरबा, 20 अगस्त 2025। Collector अजीत वसंत ने आज भैंसमा तहसील के अंतर्गत ग्राम करमंदी पहुंचकर किसानों के खेतों में चल रहे डिजिटल फसल सर्वेक्षण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद सर्वेयरों, पटवारियों और राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि गिरदावरी कार्य त्रुटिरहित और पूरी शुद्धता से किया जाए।
कलेक्टर वसंत ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन गांवों में अब तक डिजिटल सर्वे नहीं हुआ है, वहां भी सटीक गिरदावरी कार्य सुनिश्चित किया जाए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने किसानों भरतलाल और चमार साय से बातचीत कर डिजिटल फसल सर्वे के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि इस सर्वेक्षण के माध्यम से खेती के वास्तविक क्षेत्रफल और फसलों की जानकारी डिजिटल रूप में दर्ज होगी, जिससे रकबे में गड़बड़ी की संभावना समाप्त हो जाएगी।
कलेक्टर ने बताया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे एप्प के जरिए सर्वेयर प्रत्येक खेत का फोटो लेकर संबंधित खसरा नंबर में प्रविष्टि करेंगे। इस प्रक्रिया से किसानों को फसल बेचने के लिए दस्तावेज़ सत्यापन की झंझट से राहत मिलेगी और फसल से जुड़ी सारी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी। इससे किसानों को अपनी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बेचने में भी आसानी होगी।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, सहायक कलेक्टर क्षितिज गुरभेले, एसडीएम सरोज महिलांगे, तहसीलदार के.के. लहरे सहित ग्रामीण और किसान उपस्थित थे।
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, शासन द्वारा कोरबा जिले की 12 तहसीलों के 417 ग्रामों का जियो-रिफ्रेंसिंग कार्य पूरा किया जा चुका है। 30 सितंबर तक कुल 367,864 खसरों का सर्वेक्षण 951 सर्वेक्षकों द्वारा किया जाना है। अब तक इनमें से 2,312 खसरों का सर्वे पूरा कर लिया गया है, जिनका अनुमोदन संबंधित पटवारियों द्वारा किया जा रहा है।