न्यू दिल्ली, 12 सितंबर। BRICS Summit 2026 : ब्रिक्स समिति के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रौद्योगिकी और महत्वपूर्ण खनिजों को लेकर बड़ा संदेश दिया। पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स देश की साझा प्रगतिशील विचारधारा में तकनीक और जरूरी खनिजों का हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी को नैतिकता की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिसमें सभी देशों और समाज के सिद्धांतों को साथ लेकर आगे बढ़ाया जाए।
टेक्नोलॉजी में अभिनव के साथ लेकर रनवे पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ब्रिक्स के दौरान भारत में लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता को प्राथमिकता दी गई। इसी सोच के तहत टेक्नोलॉजी, स्ट्रेटेजी, स्ट्रॉथ चेन और डिजिटल एग्रीकल्चर जैसे कई क्षेत्रों में शुरुआती शुरुआत की गई है। उनका जोर इस बात पर था कि नई तकनीक का लाभ केवल कुछ देशों या उत्पादों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उपयोग साझा विकास के लिए किया जाना चाहिए।
एआई से किसानों के लिए खुलेंगे नए अवसर
पीएम मोदी ने ब्रिक्स नेटवर्क ऑन डिजिटल एग्रीकल्चर का ज़िक्र करते हुए कहा कि इस पहल से किसानों के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं। इसके तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को किसानों की असलियत से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रौद्योगिकी को सीधे खेती से संबंधित प्रश्नों के समाधान में उपयोग करना है।
आदर्श और नवप्रवर्तन को नई जगह
प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स इनक्यूबेटर नेटवर्क और स्टार्टअप इनोवेशन फंड का भी जिक्र किया। इनक्यूबेटर नेटवर्क के माध्यम से ब्रिक्स देशों के वैज्ञानिकों और इनक्यूबेटर्स को जोड़ने की पहल की गई है। वहीं स्टार्टअप इनोवेशन फंड के जरिए नए और बड़े स्तर पर लागू किए जा सकने वाले सॉल्यूशन्स को बढ़ावा देने का प्रस्ताव रखा गया है।
ब्रिक्स का फोकस पर मजबूत मजबूत चेन
पीएम मोदी ने ब्रिक्स लॉजिस्टिक्स सप्लाई चेन कोऑपरेशन फ्रेमवर्क का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से देशों के बीच के सदस्य अमीरात चेन को अधिक और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। किसी भी तरह के कट्टरपंथी का प्रभाव कई देशों पर एक साथ पड़ सकता है, इसलिए सहयोग और लचीलेपन को मजबूत करना जरूरी है।
महामारी और आपदा से निपटने के लिए नई तैयारी
ब्रिक्स देशों के बीच संक्रामक चेतावनी प्रणाली के लिए इंटीग्रेटेड अर्ली वार्निंग सिस्टम पर भी सहमति बनी हुई है। पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी संकट की समय पर पहचान, तैयारी और त्वरित कार्रवाई बेहद जरूरी है। इसके अलावा आपदा प्रबंधन के लिए प्रारंभिक चेतावनी डेटा एकीकरण दिशानिर्देश तैयार किए गए हैं। उन्होंने कहा कि महामारी, जलवायु आपदा और आतंकवादी श्रृंखला में विद्रोहियों ने यह साबित कर दिया है कि आज की दुनिया में कोई भी संकट केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है।











