नई दिल्ली/रायपुर, 05 सितंबर। Teachers Day 2026 : शिक्षक दिवस 2026 के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए चयनित देशभर के 48 शिक्षकों से बातचीत की। इस बातचीत में शिक्षा व्यवस्था से लेकर बच्चों के बदलते व्यवहार, स्क्रीन टाइम और पब्लिक स्पीकिंग जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। खास बात यह रही कि चयनित शिक्षकों में छत्तीसगढ़ की शिक्षिका सुनीता यादव भी शामिल रहीं।
पीएम मोदी ने शिक्षकों से बच्चों की पढ़ाई पर की चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षकों से बातचीत के दौरान बच्चों की पढ़ाई और उनके व्यवहार में आ रहे बदलावों को समझने पर जोर दिया। उन्होंने शिक्षकों से यह जानने की कोशिश की कि आज के दौर में बच्चों के सामने किस तरह की चुनौतियां हैं और शिक्षक उन्हें किस तरह बेहतर तरीके से संभाल रहे हैं। पीएम मोदी ने शिक्षकों से उनके अनुभव भी साझा करने को कहा।
अच्छा पब्लिक स्पीकर बनने के लिए क्या जरूरी?
बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने एक महिला शिक्षक से बच्चों को पब्लिक स्पीकिंग सिखाने के तरीके के बारे में पूछा। उन्होंने मजाकिया अंदाज में सवाल किया कि अगर वह उनके स्कूल के छात्र होते और अच्छा स्पीकर बनना चाहते तो उन्हें क्या करना चाहिए। शिक्षक ने बताया कि इसके लिए सबसे पहले आत्मविश्वास जरूरी है और लगातार अभ्यास से कॉन्फिडेंस विकसित किया जा सकता है। इस पर पीएम मोदी ने भी पूछा कि आखिर यह आत्मविश्वास आएगा कैसे।
स्क्रीन टाइम को लेकर पीएम मोदी ने दिया खेलों पर जोर
पीएम मोदी ने बच्चों के बढ़ते स्क्रीन टाइम को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आज स्क्रीन टाइम एक तरह की लत बनता जा रहा है। बच्चों को इससे बाहर निकालने के लिए उन्हें वास्तविक खेलों की ओर प्रोत्साहित किया जा सकता है। पीएम मोदी ने वास्तविक खेल यानी मैदान में जाकर खेलने को वीडियो गेम से अलग बताते हुए कहा कि खेलों में बच्चों की गहरी रुचि उन्हें स्क्रीन की आदत से दूर करने में मदद कर सकती है।
ड्रेस कोड और बच्चों के व्यवहार पर भी हुई चर्चा
बातचीत में ड्रेस कोड से जुड़े विषय पर भी चर्चा हुई। पीएम मोदी ने कहा कि कुछ बड़े शहरों और विश्वविद्यालयों में इस तरह की समस्याएं सामने आई हैं और इसके पीछे जागरूकता की कमी भी एक कारण हो सकती है। उन्होंने कहा कि कई बार नियम पर्याप्त जानकारी और स्पष्टीकरण के बिना लागू कर दिए जाते हैं। ऐसे में नियम लागू करने के साथ उनके उद्देश्य और जरूरत को समझाना भी जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने शिक्षकों को बच्चों के व्यवहार में होने वाले बदलावों पर लगातार नजर रखने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि बच्चों के मन में पैदा होने वाली आशंकाओं और उन पर पड़ने वाले प्रभाव को समझना जरूरी है। किसी निर्णय या कदम के बाद अगर बच्चे के व्यवहार में बदलाव दिखाई देता है, तो शिक्षक को उसे गंभीरता से समझने का प्रयास करना चाहिए।
27 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों से चुने गए शिक्षक
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए 27 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों से शिक्षकों का चयन किया गया है। शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में 48 स्कूल शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान करेंगी। प्रधानमंत्री मोदी की शिक्षकों के साथ यह बातचीत शिक्षा के क्षेत्र में उनके अनुभवों और चुनौतियों को सामने लाने का भी अवसर बनी।
प्रधानमंत्री इससे पहले भी राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों के साथ बातचीत कर चुके हैं। वर्ष 2024 में उन्होंने 82 शिक्षकों से मुलाकात की थी और शिक्षा में मातृभाषा के महत्व पर चर्चा हुई थी। वहीं 2025 में शिक्षक दिवस से एक दिन पहले दिल्ली में राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाले 45 शिक्षकों से बातचीत के दौरान GST और ऑनलाइन गेमिंग जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई थी।












