BALCO Vedanta Skill School : 13,000+ युवाओं को मिला रोजगार और स्वरोजगार…! जानिए कैसे बदल रही है हजारों परिवारों की जिंदगी
मुफ्त प्रशिक्षण से हजारों युवाओं को मिली नौकरी, कई बने सफल उद्यमी
बालकोनगर, 02 जुलाई। BALCO Vedanta Skill School : तेजी से बदलते औद्योगिक दौर में कुशल मानव संसाधन की बढ़ती मांग को देखते हुए भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ग्रामीण और जनजातीय युवाओं को रोजगारपरक कौशल से जोड़ने की दिशा में लगातार काम कर रही है। कंपनी द्वारा संचालित वेदांता स्किल स्कूल अब तक 13,000 से अधिक युवाओं को उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ चुका है।
कोरबा, सरगुजा और कवर्धा में संचालित इन स्किल सेंटरों में युवाओं को पूरी तरह निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) के मानकों के अनुरूप संचालित किए जाते हैं, जिससे प्रशिक्षित युवा उद्योगों की वर्तमान जरूरतों के अनुरूप तैयार हो सकें।
इन ट्रेडों में दिया जाता है प्रशिक्षण
वेदांता स्किल स्कूल में युवाओं को सात प्रमुख ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जाता है, जिनमें- वेल्डर, फिटर, हॉस्पिटैलिटी, सिलाई मशीन, ऑपरेटर, सोलर पीवी तकनीशियन, मोबाइल रिपेयरिंग, इलेक्ट्रीशियन शामिल हैं।
एक साल में 1,202 युवाओं को मिला रोजगार
वित्त वर्ष 2026 के दौरान 1,202 युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ा गया। प्रशिक्षित युवाओं को Foxconn, Welspun, Crompton Greaves, Adani, Volvo Eicher, Barbeque Nation और Tata Mobile Manufacturing जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों में रोजगार के अवसर मिले।
सफलता की प्रेरक कहानियां
निशा यादव, जो आज टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, बेंगलुरु में ऑपरेटर के रूप में कार्यरत हैं, बताती हैं कि वेदांता स्किल स्कूल ने उन्हें तकनीकी कौशल, आत्मविश्वास और आर्थिक आत्मनिर्भरता का नया रास्ता दिया।
वहीं वंदना निराला ने हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में स्टुअर्ड से कैप्टन तक का सफर तय किया और आज अपने परिवार की आर्थिक मजबूती का आधार बनी हैं।
सक्ती जिले के विनोद कुम्हार ने मोबाइल रिपेयरिंग का प्रशिक्षण लेकर अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू किया और अब सफल उद्यमी के रूप में अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।
AI आधारित प्रशिक्षण और व्यक्तित्व विकास पर भी जोर
तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित वैल्यू-एडेड मॉड्यूल, औद्योगिक भ्रमण, उद्योग विशेषज्ञों से संवाद, सुरक्षा प्रशिक्षण, मेंटरशिप और एलुमनाई इंटरैक्शन जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से व्यक्तित्व विकास और नेतृत्व क्षमता का भी प्रशिक्षण दिया जाता है।
बालको का मानना है कि कौशल विकास ही सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन की मजबूत नींव है। इसी उद्देश्य के साथ कंपनी भविष्य में भी युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाती रहेगी।






