रायपुर, 15 सितंबर। Police Station Vandalism : राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी थाना से ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस महकमे में हलचल बढ़ा दी है। आरोप है कि भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष शुभांकर द्विवेदी अपने समर्थकों के साथ थाने पहुंचा और गिरफ्तार युवक को छोड़ने के लिए पुलिस पर दबाव बनाने लगा। पुलिस ने जब कानून के मुताबिक कार्रवाई जारी रखने की बात कही तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसी दौरान नेम प्लेट उखाड़कर टीवी पर फेंक दी गई, जिससे टीवी क्षतिग्रस्त हो गया।
डीजे विवाद में कार्रवाई के बाद थाने पहुंचा भाजयुमो नेता
मामला गुढ़ियारी थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, क्षेत्र में नियमों के उल्लंघन को लेकर पुलिस ने कार्रवाई की थी। इस दौरान पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर थाने लाया।
आरोप है कि युवक की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष शुभांकर द्विवेदी अपने समर्थकों के साथ गुढ़ियारी थाने पहुंच गया। इसके बाद थाने के भीतर गिरफ्तार आरोपी को तत्काल छोड़ने की मांग को लेकर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से बहस शुरू हो गई।
‘आरोपी को छोड़ो’ की मांग, पुलिस से हुआ विवाद
बताया जा रहा है कि भाजयुमो नेता ने गिरफ्तार युवक को रिहा करने के लिए पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश की। पुलिसकर्मियों ने कानून के मुताबिक कार्रवाई की बात कही, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया।
आरोप है कि शुभांकर द्विवेदी ने अपने राजनीतिक पद का हवाला देते हुए पुलिसकर्मियों पर दबाव बनाने की कोशिश की और थाने के भीतर हंगामा किया। पुलिसकर्मी उसे समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन स्थिति बिगड़ती चली गई।
नेम प्लेट उखाड़ी और TV पर फेंकने का आरोप
मामले में सबसे ज्यादा चर्चा थाने के भीतर हुई कथित तोड़फोड़ को लेकर है। आरोप है कि विवाद के दौरान शुभांकर द्विवेदी ने परिसर में लगी पुलिस की नेम प्लेट उखाड़ ली और उसे टीवी पर फेंक दिया।
इस घटना में टीवी क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आई है। थाने के भीतर पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में हुई इस घटना के बाद वहां हड़कंप की स्थिति बन गई। हालांकि घटना के सभी पहलुओं पर पुलिस की आगे की कार्रवाई और आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
समर्थकों के साथ थाने से चला गया नेता
बताया जा रहा है कि पुलिसकर्मियों ने भाजयुमो नेता को समझाने की कोशिश की, लेकिन काफी देर तक थाने में विवाद और हंगामा चलता रहा। इसके बाद शुभांकर द्विवेदी अपने समर्थकों के साथ थाने से चला गया।
घटना के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए रिपोर्ट दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। अब पुलिस इस पूरे घटनाक्रम में तोड़फोड़, हंगामे और पुलिस पर कथित दबाव बनाने के आरोपों की जांच कर रही है।
रायपुर पुलिस की कार्रवाई पर टिकी नजर
थाने के भीतर हुई इस घटना की जानकारी सामने आने के बाद रायपुर पुलिस कमिश्नरेट में भी हलचल बढ़ गई है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुलिस इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करती है और आरोपों की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।
राजधानी में कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि घटना सीधे एक पुलिस थाने के भीतर हुई है। फिलहाल आगे की कार्रवाई और पुलिस के आधिकारिक बयान से स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।


