Shivay Hospital Korba : डेढ़ साल का दर्द खत्म, 600 ग्राम का फाइब्रॉयड निकाला; कोरबा में जटिल सर्जरी सफल, 46 वर्षीय महिला को मिली बड़ी राहत

News Power Zone
3 Min Read
Shivay Hospital, Korba

कोरबा, 08 सितंबर। Shivay Hospital Korba : डेढ़ साल से असहनीय दर्द और अत्यधिक मासिक रक्तस्राव की समस्या से जूझ रही 46 वर्षीय महिला को आधुनिक लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के जरिए बड़ी राहत मिली है। महिला के गर्भाशय में करीब 10 से 12 सेंटीमीटर का विशाल फाइब्रॉयड मौजूद था, जिसके चलते गर्भाशय का आकार सामान्य से बढ़कर करीब 16 से 18 सप्ताह के गर्भ जैसा हो गया था। शिवाय हॉस्पिटल में विशेषज्ञ मेडिकल टीम ने बिना बड़े चीरे के जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक पूरा किया।

डेढ़ साल से दर्द और अत्यधिक रक्तस्राव

महिला पिछले करीब डेढ़ वर्षों से अत्यधिक मासिक रक्तस्राव और बड़े-बड़े रक्त के थक्कों की समस्या से परेशान थीं। स्थिति इतनी गंभीर थी कि उन्हें दिनभर में करीब 8 पैड तक बदलने पड़ते थे। लगातार रक्तस्राव और दर्द के कारण उनका सामान्य जीवन भी बुरी तरह प्रभावित हो गया था।

जांच के दौरान पेल्विक अल्ट्रासोनोग्राफी में गर्भाशय में करीब 10-12 सेंटीमीटर का विशाल फाइब्रॉयड पाया गया। इसका वजन करीब 600 ग्राम बताया गया है।

डॉ. पूर्णिमा सुरभि की अगुवाई में चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन

मामले की जटिलता को देखते हुए सर्जन डॉ. पूर्णिमा सुरभि और गायनोकोलॉजिस्ट डॉ. पूजा कुंडू की अगुवाई में मेडिकल टीम ने आधुनिक लेप्रोस्कोपिक तकनीक से ऑपरेशन करने का निर्णय लिया।

25 जुलाई 2026 को टोटल लेप्रोस्कोपिक हिस्टरेक्टॉमी (TLH) और बाइलेटरल साल्पिंगेक्टॉमी की गई। विशाल ट्यूमर और प्रभावित हिस्से को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने के लिए लेप्रोस्कोपिक मोर्सेलेशन तकनीक का उपयोग किया गया। अस्पताल के अनुसार, चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया के बावजूद सर्जरी के दौरान किसी आपात स्थिति का सामना नहीं करना पड़ा।

बिना बड़े चीरे के मिली बड़ी राहत

लेप्रोस्कोपिक तकनीक में पारंपरिक बड़ी ओपन सर्जरी की तुलना में छोटे चीरे के जरिए ऑपरेशन किया जाता है। इस मामले में भी विशेषज्ञ टीम ने दूरबीन तकनीक का इस्तेमाल करते हुए जटिल प्रक्रिया को पूरा किया।

शिवाय हॉस्पिटल के अनुसार, अस्पताल बिना बड़े चीरे वाली लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराने वाला जिले का प्रथम अस्पताल है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि इस तरह की आधुनिक सुविधा से जटिल स्त्री रोग संबंधी मामलों में मरीजों को उपचार का एक विकल्प उपलब्ध हो रहा है।

स्वस्थ होकर घर लौटीं महिला

सर्जरी के बाद महिला की हालत में तेजी से सुधार हुआ। अस्पताल के मुताबिक मरीज हेमोडायनामिक रूप से स्थिर रहीं और पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया।

डेढ़ साल तक दर्द और अत्यधिक रक्तस्राव झेलने के बाद राहत मिलने पर मरीज और उनके परिजनों ने डॉ. पूर्णिमा सुरभि समेत पूरी मेडिकल टीम का आभार जताया। यह मामला कोरबा में आधुनिक लेप्रोस्कोपिक स्त्री रोग सर्जरी की उपलब्धता और जटिल मामलों में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की बढ़ती भूमिका को सामने लाता है।

Share This Article