बिलासपुर, 05 सितंबर। BSP Crime News : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोटा क्षेत्र में पिस्टल की नोक पर लूट और चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। खास बात यह रही कि लूट की रकम और सोने के जेवरात के बंटवारे को लेकर आरोपियों के बीच हुआ विवाद ही पुलिस के लिए पूरे गिरोह तक पहुंचने का रास्ता बना। आरोपियों के कब्जे से पिस्टल, लूटे गए सोने के जेवरात, कार, बाइक और 6 मोबाइल फोन समेत अन्य सामान बरामद किया गया है।
रेलवे कर्मचारी से 7,430 रुपये की पहली लूट
एएसपी ग्रामीण मधुलिका सिंह के मुताबिक गिरोह ने पहली वारदात 8 जुलाई को अंजाम दी थी। आरोपी बेलगहना रेलवे स्टेशन से 7,430 रुपये का कलेक्शन लेकर जा रहे एक रेलवे कर्मचारी का पीछा करते हुए सलका डैम मोड़ तक पहुंचे। यहां आरोपियों ने कर्मचारी को धक्का देकर उसका बैग लूट लिया और फरार हो गए।
इसके बाद गिरोह ने दूसरी वारदात को अंजाम दिया। 18 जुलाई को आरोपियों ने कथित तौर पर बुर्का पहनकर राजकुमारी जायसवाल के घर में प्रवेश किया। घर में घुसने के बाद मारपीट की और पिस्टल का भय दिखाकर करीब 50 हजार रुपये कीमत के सोने के जेवरात लूट लिए।
लूट के बंटवारे पर भिड़े आरोपी, थाने पहुंचा एक सदस्य
दोनों वारदातों के बाद पुलिस ने संदिग्धों पर नजर रखने के साथ मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर दिया था। इसी बीच 2 सितंबर को कोटा पेट्रोल पंप के पास गिरोह के सदस्यों के बीच किसी बात को लेकर विवाद और मारपीट हो गई।
विवाद बढ़ने पर गिरोह में शामिल एक युवक थाने पहुंच गया और मारपीट की शिकायत दर्ज करा दी। पुलिस को शिकायत की परिस्थितियां संदिग्ध लगीं। पूछताछ में जब विवाद की असली वजह सामने लाने की कोशिश की गई तो लूट की वारदातों से जुड़ी जानकारी पुलिस के हाथ लग गई। इसके बाद पुलिस ने अभियान चलाकर गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया।
मास्टरमाइंड ने रची थी पूरी साजिश, रीवा से आया था हथियार
पुलिस के अनुसार, गिरोह का मुख्य सूत्रधार मंझगांव निवासी राकेश जायसवाल था। उसने दिव्यांशु जायसवाल और आदर्श तिवारी के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई थी। वारदात को अंजाम देने के लिए पिस्टल की व्यवस्था करने में आरोपी सनी सिंह की भूमिका सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक सनी सिंह आरोपियों को मध्य प्रदेश के रीवा लेकर गया था और अपने भाई के जरिए अवैध पिस्टल उपलब्ध कराई थी। गिरोह ने लूट से हासिल रकम और जेवरात को आपस में बांटने की योजना बनाई थी, लेकिन बाद में यही बंटवारा उनके बीच विवाद की वजह बन गया।
लूटा गया सोना सर्राफा कारोबारी को बेचा
जांच में पुलिस को पता चला कि लूटे गए सोने के जेवरात हर्ष नामदेव के जरिए फिरंगीपारा निवासी सर्राफा कारोबारी हर्ष सोनी को बेचे गए थे। पुलिस ने लूट का माल खरीदने के आरोप में हर्ष सोनी और हथियार उपलब्ध कराने के मामले में सनी सिंह को भी गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर सोने के आभूषण, वारदात में इस्तेमाल पिस्टल, कार, बाइक और 6 मोबाइल फोन समेत अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
6 आरोपियों की गिरफ्तारी, SSP ने पुलिस टीम को सराहा
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राकेश जायसवाल (35), निवासी मंझगांव कोटा, दिव्यांशु जायसवाल (24), निवासी बिल्लीबंद कोटा; आदर्श तिवारी (26), निवासी मौहारखार कोटा; हर्ष नामदेव (25), निवासी कोटा; हर्ष सोनी (24), निवासी फिरंगीपारा कोटा और सनी सिंह (35), निवासी मस्जिदपारा कोटा के रूप में हुई है।
पुलिस की कार्रवाई से कोटा क्षेत्र में हुई दोनों लूट की वारदातों का खुलासा हुआ है। एसएसपी रजनेश सिंह ने मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम की सराहना करते हुए नकद इनाम देने की घोषणा की है।












