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Ayushi Yadav Murder Case Verdict: लाल ट्रॉली बैग में बंद आयुषी की आत्मा को 4 साल बाद मिला इंसाफ, कोर्ट ने माता-पिता को सुनाई आजीवन कारावास की सजा

Ayushi Yadav Murder Case Verdict: मथुरा। मथुरा के बहुचर्चित आयुषी यादव हत्याकांड में करीब चार साल बाद अदालत ने फैसला सुनाते हुए उसके माता-पिता को हत्या का दोषी करार दिया है। विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट अरविंद कुमार यादव की अदालत ने पिता नितेश यादव और मां ब्रजबाला को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर अर्थदंड भी लगाया गया है। फैसला आने के बाद पुलिस ने दोनों दोषियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।

 

यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे ट्रॉली बैग में मिला था शव

 

मामला 18 नवंबर 2022 का है। राया क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे के लिंक रोड स्थित कृषि अनुसंधान केंद्र के पास लाल रंग के ट्रॉली बैग में 21 वर्षीय युवती का शव मिला था। युवती के सिर और सीने पर गोली के निशान थे। इसके अलावा सिर, हाथ और पैरों पर चोट के निशान भी मिले थे।

 

पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान दिल्ली नंबर की एक कार से शव फेंके जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने इसी आधार पर जांच आगे बढ़ाई।

 

तीन दिन बाद हुई थी आयुषी की पहचान

 

21 नवंबर 2022 को मृतका की पहचान दिल्ली के बदरपुर मोड़ बंद एक्सटेंशन निवासी 21 वर्षीय आयुषी यादव के रूप में हुई। जांच में सामने आया कि आयुषी ने 13 अक्टूबर 2022 को दिल्ली स्थित आर्य समाज मंदिर में छत्रपाल गुर्जर से प्रेम विवाह किया था।

 

पुलिस के मुताबिक, आयुषी के प्रेम विवाह से उसके माता-पिता नाराज थे। आरोप है कि बेटी के पति से अलग होने से इनकार करने पर पिता नितेश यादव ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से उसकी गोली मारकर हत्या कर दी।

 

यमुना एक्सप्रेसवे में ट्रॉली बैग में भरकर फेक दिया था डेडबॉडी

 

पुलिस जांच के अनुसार, हत्या के बाद आयुषी के शव को ट्रॉली बैग में रखा गया। इसके बाद नितेश यादव और ब्रजबाला कार से शव लेकर मथुरा पहुंचे और यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे उसे फेंककर वापस लौट गए।

 

सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया था। बाद में उनके खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया। हालांकि, कुछ समय बाद दोनों को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी।

 

11 गवाहों की गवाही और साक्ष्य रहे अहम

 

मुकदमे की सुनवाई के दौरान आयुषी के पति छत्रपाल गुर्जर समेत 11 गवाहों की गवाही हुई। अभियोजन की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों को अदालत ने महत्वपूर्ण माना।

 

अपर पुलिस अधीक्षक श्वेता यादव के अनुसार, मामले की सुनवाई के दौरान सामने आए साक्ष्य और गवाहों की गवाही दोष सिद्ध करने में अहम रही।

 

कोर्ट के फैसले के बाद जेल भेजे गए दोनों दोषी

 

विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट अरविंद कुमार यादव की अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नितेश यादव और ब्रजबाला को दोषी ठहराते हुए दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर अर्थदंड भी लगाया गया। करीब चार साल से चर्चा में रहे इस हत्याकांड में अदालत के फैसले से मामले में आखिरकार आयुषी को न्याय मिल गया।

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