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Korba News: आबकारी मंत्री के जिले में अवैध शराब का खेल! सतरेंगा क्षेत्र में ‘नजराना’ वसूली के आरोप, आबकारी दरोगा की कथित डिमांड से हड़कंप

Korba News कोरबा। आबकारी मंत्री के जिले में अवैध शराब के कारोबार को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिले के आदिवासी अंचल सतरेंगा क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री के साथ आबकारी अमले पर कथित वसूली के आरोप लगाए जा रहे हैं। आरोप है कि शराब पकड़ने और कार्रवाई के नाम पर ग्रामीणों से कथित तौर पर पैसे की मांग की जा रही है।

 

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शराब पकड़ने के नाम पर कथित ‘डिमांड’!

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक सतरेंगा क्षेत्र में आबकारी विभाग की टीम की गतिविधियों को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। आरोप है कि कार्रवाई के नाम पर कुछ ग्रामीणों को दबाव में लेकर कथित तौर पर रकम की मांग की जाती है।

एक ग्रामीण ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर दावा किया कि पूर्व में आबकारी विभाग से जुड़े एक अधिकारी को 20 हजार रुपये दिए गए थे, इसके बाद अब कथित तौर पर 10 हजार रुपये और देने का दबाव बनाया जा रहा है।

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ग्रामीण के इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसे में आरोपों की सत्यता जांच का विषय है, लेकिन यदि शिकायत सही है तो यह आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

भोले-भाले आदिवासी ग्रामीण ही निशाने पर?

सबसे गंभीर आरोप यह है कि कथित वसूली का दबाव ऐसे ग्रामीणों पर बनाया जा रहा है, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और विभागीय कार्रवाई से भयभीत रहते हैं। सवाल उठ रहा है कि यदि वास्तव में अवैध शराब का कारोबार चल रहा है, तो विभाग बड़े कारोबारियों तक क्यों नहीं पहुंच रहा?

क्या कार्रवाई सिर्फ छोटे ग्रामीणों तक सीमित है? क्या अवैध शराब के बड़े नेटवर्क पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही? और यदि अवैध शराब की बिक्री खुलेआम हो रही है, तो जिम्मेदार अमला अब तक इसे रोकने में नाकाम क्यों है?

नजराने’ के आरोपों की जांच कौन करेगा?

स्थानीय स्तर पर आबकारी अमले पर हर महीने कथित ‘नजराना’ लिए जाने की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन ग्रामीणों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को देखते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जरूरत है।

यदि जांच में वसूली या अवैध संरक्षण के आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं आबकारी विभाग को भी स्पष्ट करना होगा कि सतरेंगा क्षेत्र में अवैध शराब के खिलाफ अब तक कितनी कार्रवाई हुई और ग्रामीणों से कथित रकम मांगने की शिकायतों पर क्या कदम उठाए गए?

अब नजर आबकारी विभाग की अगली कार्रवाई पर है। सवाल सिर्फ अवैध शराब का नहीं, बल्कि उन आरोपों का भी है जिनमें कार्रवाई के नाम पर कथित वसूली की बात सामने आ रही है।

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