Collector Jandarshan : अब दूसरों के सहारे नहीं, अपने हौसलों से तय करेंगे सफर…! जनदर्शन में 2 दिव्यांगों को मिली मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल
2 दिव्यांगों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल
कोरबा, 10 अगस्त। Collector Jandarshan : किसी जरूरतमंद के लिए मिलने वाली छोटी-सी मदद भी उसके जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है। कोरबा में कलेक्टर जनदर्शन इसका उदाहरण बना, जहां दो दिव्यांग हितग्राहियों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई गई। अब दोनों को रोजमर्रा के जरूरी कामों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
ग्राम गोढ़ी निवासी 50 वर्षीय शिवचरण केवट और ग्राम दादरकला निवासी 27 वर्षीय सावित्री साहू ने कलेक्टर जनदर्शन में मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल की मांग को लेकर आवेदन दिया था।
एक आवेदन में छिपी थी आत्मनिर्भर बनने की उम्मीद
शिवचरण केवट और सावित्री साहू के लिए रोजमर्रा के कामों के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाना आसान नहीं था। जरूरी कामों के लिए भी उन्हें दूसरों की सहायता का इंतजार करना पड़ता था।
जनदर्शन में दिया गया उनका आवेदन महज किसी सुविधा की मांग नहीं था, बल्कि अपने दम पर आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने की इच्छा थी। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने दोनों प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए समाज कल्याण विभाग को आवश्यक कार्रवाई कर जल्द निराकरण के निर्देश दिए। निर्देश के बाद विभाग ने प्रक्रिया पूरी की और दोनों हितग्राहियों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई।
ट्राईसाइकिल मिली तो चेहरे पर आई मुस्कान
मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने के बाद शिवचरण केवट के चेहरे पर खुशी साफ नजर आई। उनके लिए यह सिर्फ एक वाहन नहीं, बल्कि आवागमन की आजादी और आत्मनिर्भरता का साधन है।
शिवचरण का कहना है कि ट्राईसाइकिल मिलने से उनकी कई परेशानियां कम होंगी। अब वे अपने जरूरी कामों के लिए आसानी से आ-जा सकेंगे और हर छोटी-बड़ी जरूरत के लिए किसी दूसरे का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
वहीं सावित्री साहू के लिए भी यह ट्राईसाइकिल नई शुरुआत लेकर आई है। पहले जिन रास्तों पर मजबूरी और निर्भरता साथ चलती थी, अब वह अपने आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकेंगी।
जनदर्शन बना उम्मीद का जरिया
दोनों हितग्राहियों ने समय पर उनकी समस्या का समाधान करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया। कलेक्टर जनदर्शन में दिया गया आवेदन उनके लिए महज एक कागज नहीं था। उसमें बेहतर जिंदगी की उम्मीद और आत्मनिर्भर बनने का सपना था। अब उसी आवेदन के परिणाम के रूप में दोनों हितग्राहियों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिल चुकी है।
कलेक्टर जनदर्शन की यह पहल बताती है कि जब किसी जरूरतमंद की समस्या को संवेदनशीलता के साथ सुना जाए और समय पर समाधान किया जाए, तो सरकारी सहायता उसके जीवन में वास्तविक बदलाव ला सकती है।





