रायपुर

Raipur Police Commissionerate : बृजमोहन का बड़ा मास्टर प्लान…! 500 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की मांग…पूरे जिले को कमिश्नरेट बनाने का सुझाव

शहरी क्षेत्रों को कमिश्नरेट में शामिल करने का सुझाव


रायपुर, 5 अगस्त। Raipur Police Commissionerate : रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने राजधानी की कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा को विस्तृत पत्र भेजा है। पत्र में उन्होंने रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के क्षेत्राधिकार का विस्तार, 500 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती, रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती और पुलिस अधोसंरचना को मजबूत करने की मांग की है।

शहरी क्षेत्रों को कमिश्नरेट में शामिल करने का सुझाव

सांसद ने कहा कि रायपुर नगर निगम के कई पूरी तरह शहरी क्षेत्र अब भी ग्रामीण पुलिस के अधीन हैं। इनमें महात्मा गांधी वार्ड, मोतीलाल नेहरू वार्ड के हिस्से, अमर सिंह बस्ती, स्वर्णभूमि कॉलोनी, शिवाजी पार्क, राजधानी विहार, पीएम आवास योजना क्षेत्र, सत्यम नगर, कचना और डूमरतराई जैसे इलाके शामिल हैं। इन क्षेत्रों को कमिश्नरेट के दायरे में लाने का सुझाव दिया गया है।

माना एयरपोर्ट और सिलतरा को लेकर भी उठाया मुद्दा

पत्र में कहा गया है कि स्वामी विवेकानंद विमानतल (माना एयरपोर्ट) अभी ग्रामीण थाना क्षेत्र में होने से सुरक्षा व्यवस्था में दोहरी तैनाती करनी पड़ती है। वहीं सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र के दो अलग-अलग पुलिस इकाइयों में बंटे होने से समन्वय की समस्या आती है। सांसद ने इन क्षेत्रों को भी कमिश्नरेट में शामिल करने की मांग की है।

660 पद खाली, 500 जवानों की तत्काल तैनाती की मांग

बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि रायपुर पुलिस में करीब 660 पद रिक्त हैं, जिनमें 522 आरक्षक, 43 प्रधान आरक्षक, 82 उपनिरीक्षक, 9 सहायक उपनिरीक्षक और 4 सूबेदार के पद शामिल हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि स्थायी भर्ती होने तक अन्य जिलों से 500 पुलिसकर्मियों की अस्थायी तैनाती की जाए।

बढ़ती आबादी, लेकिन ट्रैफिक पुलिस कम

सांसद ने पत्र में उल्लेख किया कि वर्ष 2016 में लगभग 15 लाख रही रायपुर की आबादी अब 25 लाख से अधिक हो चुकी है। वाहनों की संख्या में भी लगातार वृद्धि हुई है, लेकिन यातायात शाखा में केवल 46 पुलिसकर्मी कार्यरत हैं, जिससे ट्रैफिक प्रबंधन प्रभावित हो रहा है।

कार्यालय और वाहनों की भी उठाई मांग

उन्होंने कहा कि कमिश्नरेट बनने के बाद अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, 5 डीसीपी और 18 एसीपी के पद तो स्वीकृत हो गए, लेकिन इनके लिए पर्याप्त स्थायी कार्यालय भवन और सरकारी वाहन उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने जल्द से जल्द आवश्यक अधोसंरचना विकसित करने की मांग की।

सरकार से जल्द फैसले की उम्मीद

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने विश्वास जताया कि राज्य सरकार राजधानी रायपुर की सुरक्षा, सुगम यातायात और नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए इन सुझावों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगी।

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