रायपुर

DEO Nodal Officer : छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला…! RTI मामलों के लिए हर जिले में बनेगा नोडल अधिकारी…DPI ने जारी किए निर्देश

सूचना आयोग के मामलों में आ रही थी दिक्कत


रायपुर, 05 अगस्त। DEO Nodal Officer : छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य सूचना आयोग (State Information Commission) से जुड़े मामलों के त्वरित और प्रभावी निपटारे के लिए नई व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने प्रदेश के सभी संयुक्त संचालकों (JD) और जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को निर्देश जारी करते हुए प्रत्येक कार्यालय में नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा है।

सूचना आयोग के मामलों में आ रही थी दिक्कत

डीपीआई द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि शिक्षा विभाग से जुड़े आरटीआई (RTI) और राज्य सूचना आयोग के मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई मामलों में समय पर नोटिस की तामिली, जानकारी उपलब्ध कराने और संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित नहीं होने से विभाग को आयोग के समक्ष कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।

हर कार्यालय में होगा नोडल अधिकारी

नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक JD और DEO कार्यालय में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। यह अधिकारी राज्य सूचना आयोग से प्राप्त सभी नोटिसों का रिकॉर्ड रखेगा, संबंधित अधिकारियों तक समय पर सूचना पहुंचाएगा, जवाब तैयार कराने में समन्वय करेगा और निर्धारित समय सीमा में आयोग को जवाब भेजना सुनिश्चित करेगा।

ई-ऑफिस और ई-मेल की नियमित मॉनिटरिंग

डीपीआई ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने ई-ऑफिस और आधिकारिक ई-मेल का नियमित अवलोकन करें। आयोग से प्राप्त नोटिस, पत्राचार और अन्य महत्वपूर्ण सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई करना अनिवार्य होगा, ताकि किसी भी प्रकरण में अनावश्यक देरी न हो।

नोडल अधिकारी का पूरा विवरण भेजना होगा

सभी संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को नियुक्त किए गए नोडल अधिकारी का नाम, पदनाम, मोबाइल नंबर और आधिकारिक ई-मेल आईडी निर्धारित प्रारूप में डीपीआई को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इससे राज्य सूचना आयोग और शिक्षा विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकेगा।

बढ़ेगी जवाबदेही, समय पर होगा निराकरण

शिक्षा विभाग का मानना है कि इस नई व्यवस्था से आरटीआई और राज्य सूचना आयोग से जुड़े मामलों का समयबद्ध निराकरण होगा। साथ ही विभागीय जवाबदेही मजबूत होगी, लंबित मामलों में तेजी आएगी और नोटिसों की तामिली एवं जवाब देने में होने वाली देरी पर प्रभावी रोक लगेगी।

news

Related Articles

Back to top button