Ambikapur Furniture Scam : छत्तीसगढ़ का 2.70 करोड़ का फर्नीचर घोटाला…! ACB का बड़ा एक्शन…10 तत्कालीन प्रधान पाठकों को नोटिस…4 अगस्त को होगी पूछताछ
फर्नीचर पहुंचा या सिर्फ कागजों में? ACB करेगी बड़ा खुलासा
अंबिकापुर. 03 अगस्त। Ambikapur Furniture Scam : छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में वर्ष 2010-11 के दौरान हुए कथित 2.70 करोड़ रुपये के फर्नीचर घोटाले की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने कार्रवाई तेज करते हुए 10 तत्कालीन प्रधान पाठकों को नोटिस जारी किया है। सभी को 4 अगस्त 2026 को अंबिकापुर स्थित ACB कार्यालय में मूल दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
मूल रिकॉर्ड लेकर बुलाए गए प्रधान पाठक
जानकारी के अनुसार ACB ने संबंधित प्रधान पाठकों से स्टॉक रजिस्टर, फर्नीचर प्राप्ति रसीद, वितरण रिकॉर्ड और अन्य मूल अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा है। जांच एजेंसी यह सत्यापित करेगी कि जिन स्कूलों के नाम पर सरकारी राशि जारी हुई थी, वहां वास्तव में फर्नीचर पहुंचा था या केवल कागजी रिकॉर्ड के आधार पर भुगतान कर दिया गया।
कागज और हकीकत का होगा मिलान
जांच के दौरान करोड़ों रुपये के भुगतान और वास्तविक आपूर्ति के बीच अंतर की आशंका सामने आई थी। अब ACB दस्तावेजों का मिलान कर पूरे लेन-देन की जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सरकारी धन का सही उपयोग हुआ या नहीं।
पहले ही दर्ज हो चुकी है FIR
इस मामले में पहले ही IPC की धारा 420, 120-बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत FIR दर्ज की जा चुकी है। अब जांच के अगले चरण में दस्तावेजों की पुष्टि के बाद तत्कालीन अधिकारियों, प्रधान पाठकों और आपूर्ति से जुड़ी फर्मों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।
श्याम इंडस्ट्री की भूमिका भी जांच में
सूत्रों के अनुसार मामला सूरजपुर की श्याम इंडस्ट्री द्वारा सरकारी स्कूलों में फर्नीचर आपूर्ति से जुड़ा है। ACB यह भी जांच रही है कि भुगतान के अनुरूप फर्नीचर वास्तव में स्कूलों तक पहुंचा था या नहीं।
4 अगस्त पर टिकी सबकी नजर
अब पूरे मामले में 4 अगस्त 2026 को होने वाली दस्तावेजों की जांच बेहद अहम मानी जा रही है। इसी के बाद यह तय हो सकता है कि इस बहुचर्चित फर्नीचर घोटाले में जांच की अगली कार्रवाई किन लोगों तक पहुंचेगी।






