छत्तीसगढ़

Labour News : असंगठित श्रमिकों के लिए सरकार का बड़ा फैसला…! E-Rickshaw पर ₹1 लाख अनुदान…गिग वर्कर्स और चरवाहों के लिए नई योजनाओं का ऐलान

e-KYC और आधार आधारित पंजीयन होगा अनिवार्य

रायपुर, 09 जुलाई। Labour News : छत्तीसगढ़ सरकार ने असंगठित क्षेत्र के लाखों श्रमिकों के लिए बड़ी राहत और रोजगार बढ़ाने वाला फैसला लिया है। श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन की अध्यक्षता में हुई छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल की पहली बैठक में ई-रिक्शा सहायता योजना की अनुदान राशि 50 हजार रुपये से बढ़ाकर सीधे 1 लाख रुपये करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही पहली बार गिग वर्कर्स (डिलीवरी कर्मियों), चरवाहों और श्रमिकों के मेधावी बच्चों के लिए अलग-अलग कल्याणकारी योजनाएं शुरू करने का फैसला भी लिया गया।

ई-रिक्शा खरीदना होगा आसान

बैठक में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ई-रिक्शा सहायता योजना में बड़ा बदलाव किया गया। अब पात्र श्रमिकों को ₹50,000 की जगह ₹1,00,000 का अनुदान मिलेगा, जिससे वे अपना खुद का रोजगार शुरू कर सकेंगे।

गिग वर्कर्स भी आएंगे सामाजिक सुरक्षा के दायरे में

सरकार ने तेजी से बढ़ रहे डिलीवरी कर्मियों (Gig Workers) को भी असंगठित कर्मकार मंडल के दायरे में शामिल करने का निर्णय लिया है। इनके लिए अलग से कल्याणकारी योजना तैयार की जाएगी, ताकि उन्हें सामाजिक सुरक्षा और सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।

चरवाहों और मेधावी बच्चों के लिए भी नई पहल

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि, चरवाहों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए अलग योजना बनाई जाएगी। संगठित श्रमिकों के मेधावी बच्चों को शिक्षा में प्रोत्साहित करने के लिए नई प्रोत्साहन योजना शुरू होगी। श्रमिकों को मजबूत सामाजिक सुरक्षा देने के लिए व्यापक बीमा योजना तैयार की जाएगी।

e-KYC और आधार आधारित पंजीयन होगा अनिवार्य

श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडल में पंजीकृत सभी श्रमिकों का 100% e-KYC और आधार आधारित पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। इससे योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक और पात्र हितग्राहियों तक पहुंचेगा।

उन्होंने योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार, पाम्पलेट और चित्रमय बुकलेट के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने तथा आवेदनों का त्वरित निराकरण करने के भी निर्देश दिए।

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