
कोरबा-उरगा। Son Killed Mother Over Property Dispute कहते हैं मां अपने बच्चों के लिए हर दर्द सह लेती है, लेकिन उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम चीतापाली में एक ऐसी घटना सामने आई जिसने रिश्तों की बुनियाद तक हिला दी। जिस मां ने बेटे को जन्म दिया, उसे चलना सिखाया और जिंदगी भर सहारा दिया, उसी बेटे ने अपने सहारे की लाठी को हथियार बनाकर मां की हत्या कर दी। जमीन के बंटवारे को लेकर शुरू हुआ विवाद कुछ ही पलों में ऐसी त्रासदी में बदल गया, जिसने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया।
पुलिस के अनुसार, ग्राम चीतापाली निवासी श्यामलाल यादव के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा पत्नी और बच्चों के साथ अलग रहता है, जबकि छोटा बेटा रामकुमार यादव, जो दिव्यांग है और लाठी के सहारे चलता है, अपने माता-पिता के साथ रहता था। पिछले काफी समय से वह पैतृक जमीन और संपत्ति के बंटवारे की मांग कर रहा था, लेकिन माता-पिता फिलहाल इसके लिए तैयार नहीं थे।
शुक्रवार रात करीब 9 से 10 बजे के बीच एक बार फिर इसी बात को लेकर घर में विवाद शुरू हुआ। माता जानकुंवर और पिता श्यामलाल ने बंटवारा करने से इनकार किया तो रामकुमार का गुस्सा बेकाबू हो गया। उसने उसी लाठी को, जो उसके चलने का सहारा थी, हथियार बना लिया और मां के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए।
गंभीर चोट लगने से जानकुंवर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इसके बाद भी आरोपी नहीं रुका और अपने पिता पर भी लाठी से हमला कर दिया। हमले में श्यामलाल का पैर टूट गया, जबकि हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें आईं।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी रात के अंधेरे में घर छोड़कर फरार हो गया। पूरी रात मां का शव घर में ही पड़ा रहा और घायल पिता दर्द से कराहते रहे। शनिवार सुबह घटना की सूचना उरगा थाना प्रभारी एसआई नवीन पटेल को मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। तलाश के दौरान आरोपी रामकुमार को ग्राम अंजोरीपाली से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपी के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
ग्रामीणों के मुताबिक, आरोपी पहले भी अपने माता-पिता के साथ मारपीट कर चुका था। इस बार जमीन के टुकड़े ने एक मां की जान ले ली, पिता को अस्पताल पहुंचा दिया और एक परिवार को हमेशा के लिए बिखेर दिया।
यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों के टूटते भरोसे और लालच के उस भयावह चेहरे की कहानी है, जहां मां की ममता भी बेटे के गुस्से के आगे हार गई।






