Olympics 2036 : सपनों को नई उड़ान… ओलंपिक 2036 की तैयारी में कोरबा, खेल क्रांति की नींव रख रहा प्रशासन

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Olympics 2036

रायपुर, 04 जून। Olympics 2036 : वर्ष 2036 में भारत की संभावित ओलंपिक मेजबानी को ध्यान में रखते हुए कोरबा जिले में खेल अधोसंरचना के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। कलेक्टर कुणाल दुदावत की पहल पर जिले को भविष्य के राष्ट्रीय खेल केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य कोरबा को खेल प्रतिभाओं के लिए आधुनिक प्रशिक्षण और प्रतियोगिता केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

अत्याधुनिक इंडोर स्टेडियम का होगा निर्माण

कोरबा स्टेडियम परिसर में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अत्याधुनिक इंडोर स्टेडियम विकसित करने की योजना बनाई गई है। प्रस्तावित स्टेडियम में बैडमिंटन, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, टेबल टेनिस, ताइक्वांडो, जुडो और जिम्नास्टिक जैसी खेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह परिसर प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं और खेल आयोजनों का प्रमुख केंद्र बनेगा।

खिलाड़ियों के लिए एक हजार क्षमता वाला स्पोर्ट्स हॉस्टल

खिलाड़ियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए एक हजार से अधिक क्षमता वाले स्पोर्ट्स हॉस्टल की योजना तैयार की गई है। हॉस्टल में आवास, भोजन, जिम, चिकित्सा सुविधा और रिकवरी सेंटर जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण वातावरण मिल सकेगा।

सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक से मिलेगा नया अवसर

गवर्नमेंट कॉलेज मैदान में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक विकसित करने का प्रस्ताव है। इसके निर्माण से दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, शॉटपुट सहित विभिन्न ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धाओं के आयोजन को बढ़ावा मिलेगा। भविष्य में यहां राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन की भी संभावना बनेगी।

ग्रामीण और आदिवासी प्रतिभाओं को मिलेगा मंच

प्रशासन ओलंपिक खेलों में शामिल प्रमुख स्पर्धाओं के अनुरूप हॉकी, फुटबॉल, तीरंदाजी, कुश्ती, बॉक्सिंग, शूटिंग, ताइक्वांडो, जुडो और तैराकी जैसी खेल सुविधाओं के विकास पर भी कार्य कर रहा है। इससे ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की प्रतिभाओं को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध होंगे। साथ ही खेल आधारित रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

खेल मानचित्र पर नई पहचान की ओर कोरबा

यदि प्रस्तावित योजनाएं निर्धारित समय में पूरी होती हैं, तो आने वाले वर्षों में कोरबा छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि देश के प्रमुख खेल केंद्रों में अपनी पहचान स्थापित कर सकता है। यह पहल हजारों युवा खिलाड़ियों के सपनों को नई उड़ान देने के साथ भारत की खेल शक्ति को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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