रायपुर

Kumhari Fire Accident : दुर्ग में खौफनाक हादसा…! आग में जिंदा जले परिवार के 4 सदस्य…CM ने किया मुआवजे का ऐलान

शॉर्ट सर्किट और अत्यधिक लोड को हादसे की बड़ी वजह

कुम्हारी, 12 मई। Kumhari Fire Accident : छत्तीसगढ़ के कुम्हारी में मंगलवार को हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। गैस सिलेंडर ब्लास्ट और आग लगने की इस दर्दनाक घटना में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों में डेढ़ साल की मासूम बच्ची भी शामिल है। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में मातम और आक्रोश का माहौल है।

मृतकों की पहचान अनिल वैष्णव (45 वर्ष), चांदनी वैष्णव (18 वर्ष), लक्ष्मी (20 वर्ष) और डेढ़ वर्षीय मासूम गोपिका के रूप में हुई है। हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्ची की मां घटना के बाद बेसुध हो गई, जिसे आसपास के लोगों ने संभाला।

शॉर्ट सर्किट और अत्यधिक लोड को हादसे की बड़ी वजह

प्रारंभिक जांच में बिजली विभाग की मुख्य लाइन में शॉर्ट सर्किट और अत्यधिक लोड को हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक सीएसपीडीसीएल की मेन लाइन में अचानक चिंगारी निकली, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई। देखते ही देखते आग पास के कच्चे मकान तक पहुंच गई और घर में मौजूद लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।

इसी दौरान घर में रखा गैस सिलेंडर भी फट गया, जिससे आग और ज्यादा भयावह हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास के लोग चाहकर भी परिवार को नहीं बचा सके। संकरी गलियों और कच्चे मकान की वजह से राहत-बचाव कार्य में भी भारी परेशानी हुई।

सूचना मिलते ही दमकल और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। गजेंद्र यादव, श्याम बिहारी जायसवाल, विजय बघेल और रिकेश सेन ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर शोक व्यक्त किया और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।

प्रति व्यक्ति 5 लाख रुपये की सहायता राशि की घोषणा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से प्रति व्यक्ति 5 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। वहीं जिला प्रशासन की ओर से 4 लाख रुपये अतिरिक्त मुआवजा देने की बात कही गई है। इस तरह प्रत्येक मृतक के परिवार को कुल 9 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी।

हादसे के बाद बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में लंबे समय से बिजली लाइन पर अत्यधिक लोड की समस्या बनी हुई थी, लेकिन विभाग ने समय रहते सुधार कार्य नहीं किया। फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और तकनीकी टीम से रिपोर्ट मांगी गई है।

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