कोरबा। Illegal sand mining in Seetamani Korba मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अवैध रेत तस्करी पर कड़े रुख और कलेक्टरों को जिम्मेदारी तय करने के स्पष्ट संकेतों के बीच, ज़मीनी हकीकत अब भी सवालों के घेरे में है। सीतामणी क्षेत्र से रेत से लदे ट्रैक्टर और टिपर बेधड़क निकलते दिख रहे हैं, मानो किसी आदेश का असर सड़क तक पहुंच ही नहीं पाया हो।
स्थानीय स्तर पर हालात को लोग मज़ाक में “रेत की लियारी” कहने लगे हैं, जहां नियमों से ज्यादा असर नेटवर्क और दबदबे का बताया जा रहा है। शारदा विहार फाटक और आसपास के रास्तों पर दिनभर लगने वाला जाम अब आम ट्रैफिक समस्या नहीं, बल्कि एक लगातार चलने वाली अव्यवस्था का प्रतीक बन चुका है।
प्रशासनिक अमले की मौजूदगी के बावजूद कार्रवाई की धीमी रफ्तार पर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में बड़ा मुद्दा यही है कि सख्त निर्देशों और ज़मीनी अमल के बीच यह दूरी आखिर कब खत्म होगी, या फिर हालात यूं ही चलते रहेंगे।



