ब्रेकिंग: तीन पूर्व IPS अफसरों का डिमोशन रद्द, साय कैबिनेट का बड़ा फैसला… मुकेश गुप्ता को सबसे ज्यादा राहत

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रायपुर, 29 अप्रैल 2026।IPS डिमोशन रद्द छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में एक अहम प्रशासनिक फैसला लिया गया। राज्य सरकार ने वर्ष 1988 बैच के तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों—संजय पिल्ले, आरके विज और मुकेश गुप्ता—के खिलाफ 26 सितंबर 2019 को जारी पदावनति (डिमोशन) आदेश को रद्द कर दिया है।
सरकार ने साफ किया कि 24 सितंबर 2019 को लिए गए उस पुराने निर्णय को भी निरस्त माना जाएगा, जिसके आधार पर ये कार्रवाई हुई थी। इसके साथ ही उस समय जारी सभी आदेशों को “बैठक से पूर्व की स्थिति” में बहाल मान लिया गया है।

 

 

पहले क्या हुआ था?

IPS डिमोशन रद्द छत्तीसगढ़ यह मामला पिछली कांग्रेस सरकार के दौर का है। उस समय तीनों अधिकारियों को एडीजी से डीजी पद पर प्रमोट किया गया था, लेकिन केंद्र सरकार की मंजूरी नहीं मिलने के बाद उनकी पदोन्नति निरस्त कर दी गई थी। राज्य में यह एक दुर्लभ स्थिति थी, जब एक साथ तीन सीनियर आईपीएस अफसरों को डिमोट किया गया था।

अब क्यों बदला फैसला?

सरकार के अनुसार, पूरे मामले की प्रशासनिक परिस्थितियों और दस्तावेजों की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया। बताया जा रहा है कि पूर्व में जारी डिमोशन आदेश तकनीकी रूप से रिकॉर्ड से हट नहीं पाया था, जिससे स्थिति अस्पष्ट बनी हुई थी। अब उसे औपचारिक रूप से समाप्त कर दिया गया है।

किन अफसरों को क्या फायदा?

इस फैसले से सबसे ज्यादा फायदा पूर्व आईपीएस मुकेश गुप्ता को माना जा रहा है।

लंबे समय तक विवादों और एफआईआर का सामना किया

एडीजी पद से रिटायर होना पड़ा

अब डिमोशन रद्द होने से डीजी स्तर के लाभ मिलेंगे
इसका सीधा असर उनकी पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य रिटायरमेंट लाभों पर पड़ेगा। वहीं संजय पिल्ले और आरके विज के रिकॉर्ड से भी डिमोशन की एंट्री हट जाएगी।

बड़ा संकेत

सरकार का यह फैसला सिर्फ तीन अधिकारियों तक सीमित नहीं माना जा रहा। इसे प्रशासनिक निर्णयों की समीक्षा और सुधार की दिशा में एक अहम कदम के रूप में देखा जा रहा है।

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