कोरबा, 01 अप्रैल 2026। Korba drug department action on medical stores जिले में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर आखिरकार प्रशासन का डंडा चल गया है। जिला दंडाधिकारी कुणाल दुदावत की सख्त फटकार के बाद अब तक सुस्त पड़ा ड्रग विभाग अचानक एक्शन मोड में आ गया है। पूरे जिले में मेडिकल स्टोर्स पर ताबड़तोड़ औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं, जिससे संचालकों में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के मुताबिक, बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के प्रतिबंधित और नशीली दवाओं की बिक्री को लेकर औषधि विभाग ने सख्ती दिखाते हुए कई मेडिकल दुकानों की जांच की। जांच में रिकॉर्ड में गड़बड़ी और नियमों की अनदेखी सामने आई, जिसके बाद कई संचालकों को नोटिस थमाए गए।
सबसे बड़ी कार्रवाई में
Korba drug department हरदी बाजार का अन्नपूर्णा मेडिकल स्टोर्स,पाली का जीके मेडिकल स्टोर्स,सोहागपुर का गर्वित मेडिकल स्टोर्स इन तीनों के जवाब असंतोषजनक पाए गए, जिसके बाद इनके लाइसेंस तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिए गए हैं। निलंबन अवधि में ये दुकानें दवाओं की खरीद-बिक्री नहीं कर सकेंगी।
वहीं, अन्य मेडिकल स्टोर्स के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी है। उनके जवाब मिलने के बाद आगे की सख्त कार्रवाई तय मानी जा रही है।
औषधि विभाग ने साफ कर दिया है कि नशे में
इस्तेमाल होने वाली दवाओं की बिना प्रिस्क्रिप्शन बिक्री पूरी तरह गैरकानूनी है और इस पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी। आने वाले दिनों में पुलिस और ड्रग विभाग की संयुक्त टीम पूरे जिले में चरणबद्ध तरीके से और बड़े स्तर पर छापेमारी करेगी।
इसी दौरान कोसबाड़ी, मड़वारानी और ढेलवाडीह-कटघोरा क्षेत्र से दवाओं के सैंपल भी लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए रायपुर की लैब भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद और भी बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। कुल मिलाकर साफ हैअब कोरबा में ‘नशे का कारोबार’ करने वालों की खैर नहीं। प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है।



