Women Empowerment : बालको में पुरुष प्रधान क्षेत्र में महिला शक्ति की एंट्री…! 30 महिला क्रेन पायलट्स ने संभाली कमान
अब पॉट रूम में महिलाएं चला रहीं ऑपरेशन, मैन्युफैक्चरिंग में जेंडर इक्विटी की मिसाल
बालकोनगर, 19 मार्च। Women Empowerment : भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने औद्योगिक क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए पहली बार महिला क्रेन पायलट्स की तैनाती की है। वेदांता समूह की इस कंपनी का यह कदम तकनीक-संचालित स्मेल्टर संचालन में महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है।
कंपनी ने कुल 30 महिलाओं को इस भूमिका में नियुक्त किया है, जिनमें 10 बीम-रेजिंग ऑपरेटर और 20 पीटीएम (पॉट टेंडिंग मशीन) पायलट शामिल हैं। यह उपलब्धि ऐसे समय आई है जब बालको ‘मिलियन टन क्लब’ में प्रवेश की ओर अग्रसर है, जिससे इसकी उत्पादन क्षमता और तकनीकी दक्षता का भी संकेत मिलता है।
इन महिला पायलट्स ने सिमुलेटर ट्रेनिंग और ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण के जरिए कड़ी तैयारी पूरी की है। अब वे पॉट रूम में एनोड बदलने, कवरिंग, पिघले एल्यूमिनियम की टैपिंग और बीम-रेजिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को संभाल रही हैं। इससे इलेक्ट्रोलाइटिक रिडक्शन सेल्स का संचालन तय मानकों के अनुसार स्थिर और सुचारू बना हुआ है। खास बात यह है कि सभी पॉटलाइनों में बीम-रेजिंग गतिविधियां अब पूरी तरह महिलाओं द्वारा संचालित की जा रही हैं।
मैन्युफैक्चरिंग में जेंडर इक्विटी की मिसाल
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि कंपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में समावेशिता को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। महिला क्रेन पायलट्स की तैनाती न केवल एक उपलब्धि है, बल्कि कार्य संस्कृति में बड़े बदलाव का संकेत भी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और समान अवसरों के माध्यम से कर्मचारियों की पूरी क्षमता को सामने लाया जा रहा है।
वहीं, पीटीएम पायलट नाज़ फातिमा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह काम चुनौतीपूर्ण होने के साथ बेहद संतोषजनक भी है। कंपनी का भरोसा और सहयोग उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने इसे महिलाओं के लिए औद्योगिक क्षेत्र में नए अवसरों का द्वार बताया।
उल्लेखनीय है कि बालको ने वर्ष 2022 से ट्रांसजेंडर पेशेवरों को भी अपने संयंत्र के मुख्य कार्यों में शामिल करना शुरू किया था। शुरुआत फोर्कलिफ्ट ऑपरेशन और सुरक्षा सेवाओं से हुई, जिसे बाद में विस्तार दिया गया। जेंडर री-अफर्मेशन नीतियों के तहत कंपनी 30 दिन का वेतन सहित अवकाश और वित्तीय सहायता जैसी सुविधाएं भी प्रदान कर रही है।
इस प्रकार बालको की ये पहल पारंपरिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को अधिक समावेशी बनाने और भविष्य के लिए तैयार औद्योगिक कार्यबल के निर्माण की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।



