रायपुर

CG Assembly Budget Session : पौने 8 करोड़ का अफीम जब्त, 3 आरोपी गिरफ्तार, अफीम की खेती पर सदन में गृहमंत्री विजय शर्मा ने दी जानकारी

रायपुर, 09 मार्च। CG Assembly Budget Session : गृह मंत्री विजय शर्मा ने सोमवार को छत्तीसगढ़ के दुर्ग में अफीम की खेती पर आरोपियों के खिलाफ की कार्यवाही की जानकारी देते हुए विधानसभा में बताया कि पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर टीम बनाई और कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि साढ़े 62 हजार किलो अफीम के पौधे और फूल-पत्ती जब्त किए हैं। गृह मंत्री ने आरोपियों को बचाने के आरोपों को खारिज किया, और तुरंत ही उसी दिन गिरफ्तारी हो गई थी।

गृह मंत्री ने बताया कि जब्त अफीम की कीमत 7 करोड़ 80 लाख है। दुर्ग जिले के समोदा गांव में अवैध अफीम की खेती के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 62,424.4 किलोग्राम अफीम के पौधे और फूल-पत्ती जब्त किए हैं। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत लगभग 7.8 करोड़ रुपये बताई गई है। मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

गृह मंत्री ने बताया कि 6 मार्च 2026 को पुलिस को सूचना मिली कि थाना पुलगांव क्षेत्र के समोदा गांव में शिवनाथ नदी के किनारे स्थित एक फार्म हाउस में अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही है। सूचना मिलने के बाद पुलिस, एफएसएल, आबकारी और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।

कार्रवाई के दौरान विकास विश्नाई, मनीष ठाकुर और विनायक ताम्रकार को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 और 18 के तहत अपराध दर्ज कर जांच की जा रही है। वहीं दो फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की टीम जोधपुर (राजस्थान) भेजी गई है।

0.2024 से फरवरी 2026 अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के 2947 प्रकरण,177 आरोपियों की गिरफ्तारी

गृह मंत्री ने सदन को जानकारी दी कि वर्ष 2024 से फरवरी 2026 तक राज्य में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के 2947 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें 5177 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान बड़ी मात्रा में गांजा, अफीम, हेरोइन, ब्राउन शुगर, चरस, कोकीन और अन्य नशीले पदार्थ भी जब्त किए गए हैं।

सरकार ने नशीले पदार्थों पर अंकुश लगाने के लिए सभी जिलों में टास्क फोर्स का गठन किया है और 10 जिलों में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के लिए 100 नए पद स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही एनडीपीएस मामलों में आरोपियों के खिलाफ फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन भी की जा रही है।

नशे के खिलाफ अभियान के तहत स्कूल-कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं तथा शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1933 का भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।

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