Local Vs External : छत्तीसगढ़ में राज्यसभा चुनाव 2026…! स्थानीय बनाम बाहरी उम्मीदवार पर सियासी जंग

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Local Vs External
रायपुर, 02 मार्च। Local Vs External : छत्तीसगढ़ के सियासी गलियारों में राज्यसभा की दो रिक्त सीटों को लेकर राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ रहा है। 16 मार्च 2026 को मतदान होने वाला है और नामांकन प्रक्रिया 26 फरवरी से शुरू हो चुकी है। हालिया चुनावों में हार का सामना कर चुके कई दिग्गज नेता राज्यसभा के जरिए नई राजनीतिक शुरुआत की तैयारी में हैं।

कांग्रेस में उम्मीदवार चयन को लेकर अंदरखाने गहमागहमी

कांग्रेस में इस बार स्थानीय नेताओं को प्राथमिकता देने की मांग जोर पकड़ रही है। पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने भी स्थानीय चेहरे को टिकट देने का समर्थन किया। राज्यसभा सदस्य की दौड़ में प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज, टीएस सिंहदेव, पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू और मोहन मरकाम सहित कई वरिष्ठ नेता चर्चा में हैं। मौजूदा सांसद फूलोदेवी नेताम भी पुनः राज्यसभा में जाने के लिए सक्रिय हैं।

स्थानीय बनाम बाहरी उम्मीदवार का मुद्दा

कांग्रेस कोटे से वर्तमान में फूलोदेवी नेताम और केटीएस तुलसी का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, विधानसभा संख्या बल के अनुसार एक-एक सीट भाजपा और कांग्रेस के खाते में जाने की संभावना है। हालाँकि, इस बार कांग्रेस में बाहरी उम्मीदवार को लेकर असंतोष स्पष्ट दिखाई दे रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत और पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव इस बार स्थानीय नेता को ही टिकट मिलने के पक्ष में हैं।

भाजपा में स्थानीय नेताओं को प्राथमिकता

भाजपा ने अब तक छत्तीसगढ़ से किसी बाहरी नेता को राज्यसभा नहीं भेजा है। पार्टी के संभावित दावेदारों में पूर्व राज्यसभा सदस्य सरोज पांडेय, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष नारायण चंदेल, पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय और पूर्व सांसद गुहाराम अजगले शामिल हैं।

सत्ता समीकरण और रणनीतिक महत्व

प्रदेश में राज्यसभा की कुल पांच सीटें हैं। राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि यह चुनाव रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। कांग्रेस स्थानीय कार्ड खेलकर खोई जमीन वापस पाने की कोशिश कर रही है, जबकि भाजपा अनुभव और संगठन संतुलन को ध्यान में रखते हुए मजबूत चेहरे पर दांव लगा सकती है। अंतिम फैसला दोनों दलों के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा, लेकिन रायपुर से दिल्ली (Rajya SabhaElection 2026) तक चल रही गुप्त बैठकों ने सियासी हलचल को तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में उम्मीदवारों की घोषणा के साथ प्रदेश की राजनीति और गरमाने के संकेत हैं।
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