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CSMCL overtime payment scam: छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन में करोड़ों का ओवरटाइम भुगतान घोटाला, कारोबारी अनवर ढेबर गिरफ्तार

रायपुर। CSMCL overtime payment scam: छत्तीसगढ़ राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (EOW/ACB) ने सीएसएमसीएल ओवरटाइम भुगतान घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी अनवर ढेबर को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई अपराध क्रमांक 44/2024 के तहत की गई है। प्रकरण में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7बी एवं 8 तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी के तहत मामला दर्ज है।

CSMCL overtime payment scam: ईडी की सूचना पर दर्ज हुआ था मामला

 

मामले की शुरुआत 29 नवंबर 2023 को हुई, जब प्रवर्तन निदेशालय के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारियों ने तीन व्यक्तियों से 28.80 लाख रुपए नकद जब्त किए थे। इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के लिए छत्तीसगढ़ शासन को सूचना भेजी गई थी। इसके आधार पर राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो, रायपुर में एफआईआर दर्ज की गई।

 

CSMCL overtime payment scam: ओवरटाइम के नाम पर करोड़ों का भुगतान

 

विवेचना में खुलासा हुआ कि छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) में कथित रूप से षड्यंत्रपूर्वक मैनपावर, प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से ओवरटाइम भत्ता के नाम पर बड़े पैमाने पर भुगतान किया गया।

जांच के अनुसार, वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच ओवरटाइम भत्ता के नाम पर लगभग 100 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान किया गया। नियमानुसार यह राशि शराब दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों को अतिरिक्त भुगतान के रूप में देय थी। एजेंसियों को बिल के माध्यम से यह राशि इस उद्देश्य से दी जाती थी कि वे संबंधित कर्मचारियों को भुगतान करें।

 

CSMCL overtime payment scam: कर्मचारियों तक नहीं पहुँची राशि

 

जांच में पाया गया कि व्यवहार में यह राशि कर्मचारियों को न देकर एजेंसियों के माध्यम से अवैध रूप से कमीशन के रूप में निकाली और वितरित की जाती थी। इस पूरी प्रक्रिया में शासन के आबकारी राजस्व से ओवरटाइम के नाम पर राशि निकालकर उसे वास्तविक कर्मचारियों तक नहीं पहुँचाया गया, जिससे शासन को प्रत्यक्ष आर्थिक क्षति हुई।

 

CSMCL overtime payment scam: आरोपी तक पहुंचता था कमीशन

 

विवेचना में यह भी सामने आया है कि कथित रूप से प्राप्त कमीशन आरोपी अनवर ढेबर तक पहुँचाया जाता था। आरोपी को 23 फरवरी 2026 को माननीय विशेष न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहाँ से उसे पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। फिलहाल मामले में आगे की विवेचना जारी है।

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