क्राइम

BALOD : मासूम के दफन स्थल पर तंत्र-सामग्री मिलने से हड़कंप, छेड़छाड़ की आशंका, जांच तेज

बालोद, 15 फरवरी। BALOD : छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के माहुद-बी गांव में तीन वर्षीय बच्ची के दफन स्थल के पास संदिग्ध तंत्र-सामग्री मिलने से ग्रामीणों में खलबली मच गई है। बच्ची के परिजनों और गांववासियों में यह डर और आक्रोश फैल गया कि कहीं बच्ची के शव से छेड़छाड़ तो नहीं की गई है। घटना के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है और प्रशासन से दफन स्थल की खुदाई की अनुमति के लिए आवेदन भेजा है।

क्या हुआ था?

9 अक्टूबर 2025 को प्रिया साहू (3 वर्ष) की असमय मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद परिजनों ने गांव के पास स्थित मुक्तिधाम में उसे दफनाया था। परिवार ने परंपरा के तहत बच्ची को उसी स्थान पर दफनाने का निर्णय लिया था, जो गांव के बाहरी हिस्से में एक सुनसान इलाके में स्थित था। लेकिन कई महीनों बाद, 13 फरवरी को, जब गांव के लोग खेतों की ओर जा रहे थे, तो उन्होंने दफन स्थल के पास असामान्य स्थिति देखी।

स्थल की मिट्टी जगह-जगह अव्यवस्थित थी और पास ही नींबू, मिट्टी के दीये, अगरबत्ती, और तंत्र-मंत्र से जुड़ी अन्य संदिग्ध वस्तुएं पड़ी हुई थीं। यह देख ग्रामीणों को शक हुआ कि शायद किसी ने तंत्र-मंत्र के तहत शव से छेड़छाड़ की है। यह खबर जैसे ही गांव में फैली, एकदम से हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए और इस संदिग्ध परिस्थिति पर चर्चा शुरू कर दी।

ग्रामीणों का गुस्सा और आक्रोश

ग्रामीणों में भय का माहौल था, और वे यह मानने लगे कि कहीं न कहीं अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र का कृत्य यहां हुआ है। कई लोग इस घटना को एक गंभीर अपराध मानते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगे। उनका कहना था कि यदि शव से छेड़छाड़ हुई है, तो यह न सिर्फ कानून का उल्लंघन है, बल्कि धार्मिक आस्थाओं और मान्यताओं का भी उल्लंघन है।

पुलिस की कार्रवाई और जांच की दिशा

घटना की सूचना मिलते ही हल्दी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और दफन स्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने वहां के आसपास के लोगों से पूछताछ की, लेकिन फिलहाल किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि मामला बेहद संवेदनशील है और इसकी जांच की जा रही है।

मृत बच्ची के पिता ने पुलिस को लिखित आवेदन सौंपा, जिसमें उन्होंने दफन स्थल की खुदाई कर सच्चाई सामने लाने की मांग की। उनका कहना था कि यदि किसी ने तंत्र-मंत्र के नाम पर इस दफन स्थल से छेड़छाड़ की है, तो दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

जांच के लिए प्रशासनिक अनुमति की आवश्यकता

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दफन स्थल से शव को बाहर निकालने की प्रक्रिया प्रशासनिक अनुमति के बाद ही संभव है। इसके लिए एसडीएम से अनुमति की आवश्यकता है। पुलिस ने प्रशासन को इस संबंध में प्रस्ताव भेज दिया है और जैसे ही आदेश प्राप्त होगा, आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र पर चिंता

घटना के बाद गांव में अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र की गतिविधियों को लेकर चिंता बढ़ गई है। कई ग्रामीणों ने प्रशासन से सख्त निगरानी की मांग की है ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। उनका कहना था कि इस घटना ने न केवल गांव के लोगों में भय फैलाया है, बल्कि धार्मिक विश्वासों और मान्यताओं को भी चोट पहुंचाई है। इसके अलावा, कुछ सामाजिक संगठनों ने इस घटना को लेकर चिंता जताई है और कहा कि इस तरह की घटनाएं अंधविश्वास की बढ़ती समस्या को दर्शाती हैं, जिसे रोकने के लिए शिक्षा और जागरूकता की जरूरत है।

पुलिस और प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है और मामले की हर पहलू से जांच जारी है। प्रशासन द्वारा दफन स्थल की खुदाई के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि वास्तव में तंत्र-मंत्र से जुड़ी कोई गतिविधि हुई थी या नहीं। वहीं, गांव में प्रशासन द्वारा शांति बनाए रखने की कोशिश की जा रही है और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।

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