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NTPC में श्रम कानूनों के उल्लंघन का आरोप, VDO में देखे सीटू ने ठेका श्रमिकों के साथ निकाली पदयात्रा

कोरबा। एनटीपीसी कोरबा में ठेका श्रमिकों की गंभीर समस्याओं को लेकर सीटू के नेतृत्व में बुधवार को एनटीपीसी परिसर से कलेक्ट्रेट तक जोरदार पदयात्रा निकाली गई। बड़ी संख्या में ठेका मजदूर के.सी. जैन मार्ग से पैदल चलते हुए दर्री बाजार, कोहड़िया, सीएसईबी चौक, घंटाघर और कोसाबाड़ी होते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, जहां प्रदर्शन कर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

यह पदयात्रा के.एस.टी.पी.एस. एनटीपीसी कोरबा उत्पादन कंपनी कामगार यूनियन के बैनर तले आयोजित की गई। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सीटू के प्रदेश अध्यक्ष कामरेड एस.एन. बैनर्जी ने एनटीपीसी प्रबंधन और ठेकेदारों पर श्रम कानूनों के खुले उल्लंघन का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एनटीपीसी देश की विद्युत जरूरतों को पूरा करने वाला महारत्न उपक्रम है, लेकिन इसी संयंत्र में ठेका श्रमिकों का शोषण किया जा रहा है।
बैनर्जी ने कहा कि संयंत्र में प्रचालन, अनुरक्षण और सिविल कार्य ठेकेदारों के माध्यम से कराए जा रहे हैं, जहां केंद्रीय न्यूनतम वेतन लागू है। इसके बावजूद ठेका श्रमिकों से वेतन भुगतान के बाद ठेकेदार के मुंशी द्वारा प्रतिदिन 250 से 350 रुपये तक की अवैध वसूली की जाती है। विरोध करने पर गेट पास बंद कर काम से निकालने की धमकी दी जाती है, जिससे मजदूरों में भय और आक्रोश का माहौल है।
एनटीपीसी कामगार यूनियन के अध्यक्ष फागू राम कश्यप ने बताया कि श्रमिक लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन न तो प्रशासन और न ही एनटीपीसी प्रबंधन द्वारा कोई ठोस पहल की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ठेका श्रमिकों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में प्लांट में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
प्रदर्शन में सीटू के प्रदेश अध्यक्ष एस.एन. बैनर्जी के अलावा किसान सभा से प्रशांत झा, दीपक साहू, दामोदर श्याम सहित बालको सीटू यूनियन, परिवहन संघ और किसान सभा के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। रैली में गुरुमूर्ति, सुमरित कश्यप, जी.डी. महंत, फुलबाई, जीराबाई, हेमलाल, अजय समेत बड़ी संख्या में ठेका मजदूर मौजूद रहे।

इन मांगों को लेकर किया आंदोलन

 

आईटीआई योग्य कुशल मजदूरों को तत्काल काम पर वापस लिया जाए।

ठेका बदलने पर ठेका श्रमिकों को नहीं हटाया जाए।
सभी श्रमिकों को गेट पास, पेस्लिप और हाजिरी कार्ड दिया जाए।

ठेकेदार के मुंशियों द्वारा वेतन के बाद की जा रही अवैध वसूली तत्काल बंद हो।

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