कोरबा, 06 जुलाई। Waterlogging Problem : जिले के नगर पंचायत पाली में आयोजित भूमि पूजन और रोड उत्सव कार्यक्रम के बाद प्रभारी मंत्री अरुण साव का काफिला जब वापस लौट रहा था, तभी ग्रामीणों ने रास्ता रोककर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विरोध का कारण था – लगातार बारिश से उत्पन्न जलभराव और प्रशासन की लापरवाही।
काफिले में श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन, कलेक्टर अजीत वंसत, और एसपी सिद्धार्थ तिवारी भी मौजूद थे। घटना पाली के मंगल भवन से लौटते समय की है।
जलभराव से त्रस्त ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के कारण घरों, दुकानों और बस्तियों में पानी भर गया है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर उदासीनता का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने कहा कि हर साल जलभराव की यही स्थिति बनती है, लेकिन सिर्फ आश्वासन दिए जाते हैं, कार्यवाही नहीं होती।
कलेक्टर और एसपी ने दिया समाधान का भरोसा
स्थिति को बिगड़ने से पहले कलेक्टर अजीत वंसत और एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत किया। उन्होंने मौके पर ही ग्रामीणों को समस्या के शीघ्र समाधान का भरोसा दिया। आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने काफिले को आगे जाने दिया।
प्रशासन के लिए चेतावनी
यह विरोध सिर्फ एक स्थानीय घटना नहीं, बल्कि एक स्पष्ट संदेश है कि अब ग्रामीण जनसमस्याओं को लेकर चुप नहीं बैठेंगे। यदि प्रशासन समय रहते कार्रवाई नहीं करता, तो स्थानीय असंतोष और व्यापक रूप ले सकता है।
पाली की यह घटना बताती है कि आम जनता अब विकास के वादों की नहीं, ज़मीनी हकीकत की मांग कर रही है। प्रशासन के सामने चुनौती है कि वह आश्वासन से आगे बढ़कर ठोस कार्यवाही करे, ताकि जनता का विश्वास बना रहे।












