KORBA BREAKING कोरबा। पुराने कागज लहराकर आज़ादी की राह निकालने की कोशिश अदालत में ध्वस्त हो गई। वर्ष 2018 के जमानत आदेश को ढाल बनाकर दोबारा राहत मांगने पहुंचे हरिशंकर यादव, राम सेवक सोनी और भूषण लाल डिक्सेना को कोर्ट ने करारा झटका दिया है।
KORBA BREAKING जमानत प्रकरण क्रमांक 82/2026 और 83/2026 की सुनवाई के दौरान अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि जिन परिस्थितियों में आठ साल पहले जमानत दी गई थी, वे हालात अब पूरी तरह बदल चुके हैं। उस वक्त पुलिस की ओर से खारिजी रिपोर्ट का हवाला दिया गया था, जबकि अब मामले में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और ट्रायल के लिए ठोस साक्ष्य मौजूद हैं।
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अदालत ने यह भी माना कि मौजूदा स्थिति में जमानत देने से गवाहों को प्रभावित किए जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने अभियुक्तों की दलीलों को खारिज करते हुए जमानत आवेदन निरस्त कर दिया।





