
कोरबा। SECL land acquisition protest जिले के पाली क्षेत्र में जमीन को लेकर विवाद अब सड़क पर आ गया है। भूविस्थापित ग्रामीणों और किसानों ने SECL प्रबंधन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए रैली निकाली। इस दौरान आक्रोशित लोगों ने नारेबाजी की और तख्तियां लेकर विरोध जताया। कुछ तख्तियों पर “कटघोरा विधायक एक काम करो, चूड़ी पहन के ”जैसे तीखे संदेश भी लिखे नजर आए।
SECL land acquisition protest ग्रामीणों और किसानों ने SECL पर जबरन भूमि अधिग्रहण का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि 14 मार्च 2026 को भारी पुलिस बल के साथ कंपनी की टीम गांव पहुंची और बिना सहमति के उनकी कृषि भूमि पर कार्रवाई शुरू कर दी।
प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि इस कार्रवाई से छोटे और मध्यम वर्गीय परिवार बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, जिनकी आजीविका पूरी तरह खेती पर निर्भर है। उनका आरोप है कि बिना ग्राम सभा की अनुमति के किया गया यह अधिग्रहण पेसा कानून और भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 का सीधा उल्लंघन है।
किसानों ने मांग की है कि अधिग्रहण प्रक्रिया को तत्काल रोका जाए, ग्राम सभा की सहमति अनिवार्य की जाए, उचित मुआवजा और पुनर्वास दिया जाए, साथ ही परिवार के एक सदस्य को स्थायी रोजगार सुनिश्चित किया जाए।
प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों का रुख और सख्त हो गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 5 दिनों के भीतर प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो वे उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
पाली क्षेत्र में जमीन और अधिकारों की यह लड़ाई अब तेज होती नजर आ रही है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमाने के संकेत मिल रहे हैं।



