कोरबा, 13 अप्रैल। DMF Scheme : जिले में खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि DMF (जिला खनिज संस्थान न्यास) के माध्यम से कोरबा जिले में अतिरिक्त विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित DMF शासी परिषद की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना, प्रगति और नए प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर कुणाल दुदावत ने की।
किन-किन कार्यों पर रहेगा फोकस?
बैठक के दौरान जिन प्रमुख पहलों को प्राथमिकता दी गई, उनमें स्कूल और आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण; स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार; पेयजल आपूर्ति; सड़कों, पुलों और पुलियों का निर्माण; तथा पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण शामिल हैं। मंत्री ने निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत कार्य समय-सीमा में और गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं, ताकि आम जनता को जल्द लाभ मिल सके।
564 गांव होंगे सीधे प्रभावित
कलेक्टर ने जानकारी दी कि जिले के 5 विकासखंडों के 564 गांव खनन से प्रत्यक्ष प्रभावित हैं। 15 किमी तक का क्षेत्र: प्रत्यक्ष प्रभावित।25 किमी तक का क्षेत्र: अप्रत्यक्ष प्रभावित। इन क्षेत्रों में DMF की बड़ी राशि खर्च कर विकास कार्य किए जाएंगे।
500+ करोड़ के कार्यों को मंजूरी
वित्तीय वर्ष 2025-26 में 519.11 करोड़ रुपये की प्राप्ति के विरुद्ध 1498 कार्यों के लिए 529.24 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
प्राथमिकता किसे?
DMF नियमों के अनुसार, बजट का 70% हिस्सा शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और पर्यावरण के लिए आवंटित किया जाता है, जबकि 30% हिस्सा अन्य बुनियादी ढांचों के लिए आवंटित होता है। जन प्रतिनिधियों के सुझाव: बैठक के दौरान, सांसद ज्योत्सना महंत ने—अन्य जन प्रतिनिधियों के साथ मिलकर, प्रदूषण नियंत्रण, पेयजल संकट के समाधान, स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और जर्जर हो चुके स्कूलों के जीर्णोद्धार पर ज़ोर दिया।