रायपुर, 23 अगस्त। SDRF and NDRF Rescue Operation: नवा रायपुर के नकटी गांव स्थित ब्लू वाटर खदान में डूबे 24 वर्षीय आदिल खान का शव करीब 77 घंटे बाद पानी की सतह पर मिला। तीन दिनों तक SDRF और NDRF की टीमें गहरे पानी में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाती रहीं, लेकिन सफलता नहीं मिली। शनिवार देर रात आदिल का शव खुद पानी की सतह पर दिखाई दिया। इस हादसे ने एक बार फिर ब्लू वाटर खदान में सुरक्षा व्यवस्था और लोगों की आवाजाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
तीन दिन तक चला सर्च ऑपरेशन
आदिल के डूबने के बाद माना थाना पुलिस के साथ SDRF की टीम मौके पर पहुंची। बाद में NDRF की टीम को भी रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाया गया। गोताखोरों ने कई घंटों तक पानी के अंदर संभावित स्थानों पर तलाश की, लेकिन आदिल का कोई सुराग नहीं मिला।
खदान की अधिक गहराई और पानी के अंदर कम तापमान के कारण रेस्क्यू टीम को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने लगातार अभियान चलाने के साथ इंडियन नेवी से भी मदद मांगी थी। नेवी की ईस्टर्न कमांड की विशेष टीम रविवार को रायपुर पहुंचने वाली थी, लेकिन इससे पहले ही शनिवार देर रात शव पानी की सतह पर आ गया।
दोस्तों से लगी थी पानी पार करने की शर्त
जानकारी के मुताबिक, आदिल 19 अगस्त की शाम अपने तीन दोस्तों के साथ ब्लू वाटर खदान घूमने पहुंचा था। इसी दौरान दोस्तों के बीच पानी के एक छोर से दूसरे छोर तक तैरकर जाने की शर्त लगी। आदिल और उसका एक दोस्त पानी में उतर गए। तैरते हुए आदिल धीरे-धीरे गहरे हिस्से की तरफ चला गया और देखते ही देखते पानी में डूब गया। घटना का वीडियो भी सामने आया था।
सूचना मिलते ही पुलिस और SDRF की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद NDRF की टीम ने भी सर्च ऑपरेशन में हिस्सा लिया। करीब तीन दिनों तक लगातार तलाश के बाद शनिवार देर रात आदिल का शव पानी की सतह पर मिला।
ब्लू वाटर खदान में पहले भी हो चुके हैं हादसे
आदिल की मौत के बाद ब्लू वाटर खदान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले 9 साल में यहां 10 लोगों की जान जा चुकी है। लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए प्रशासन की ओर से इलाके में लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित करने और पूरे क्षेत्र में फेंसिंग कराने की बात कही गई है। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने भी ब्लू वाटर क्षेत्र को प्रतिबंधित करने और सुरक्षा के लिए फेंसिंग कराने की जानकारी दी है।
आम जनता के लिए जरूरी चेतावनी
ब्लू वाटर खदान पर्यटन या पिकनिक स्थल नहीं है। यहां पानी की गहराई बेहद ज्यादा है और लगातार जानलेवा हादसे हो चुके हैं। लोगों से अपील है कि खदान क्षेत्र में जाने, नहाने या पानी में उतरने से पूरी तरह बचें। एक छोटी सी लापरवाही जिंदगी पर भारी पड़ सकती है।












