राजनांदगांव , 23 अगस्त। Rajnandgaon News : छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में घुमका पुलिस पर दो युवकों को करीब 36 घंटे तक हिरासत में रखकर मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। परिवार का दावा है कि हत्या की जांच के दौरान दोनों युवकों को थाने बुलाया गया और पुलिसकर्मियों ने उनसे कथित तौर पर मारपीट की। चोट के निशान के वीडियो के साथ परिजनों ने एसपी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, पुलिस ने युवकों को हत्या के मामले में मुख्य संदेही बताया है और हिरासत में मारपीट के आरोपों की अलग से जांच कराने की बात कही है।
अधजली लाश मिलने के बाद शुरू हुई थी जांच
मामला करीब एक साल पुराने हत्या केस से जुड़ा है। 11 नवंबर 2025 को राजनांदगांव के ग्राम बरबसपुर में 70 वर्षीय बिहासीन साहू की अधजली लाश उनके ही पैरावट में मिली थी।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हत्या के बाद शव जलाए जाने की बात सामने आने के बाद घुमका पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी।
मृतका के रिश्तेदारों से पूछताछ
जांच के दौरान पुलिस ने मृतका के बेटे नेतराम साहू और उनके बेटों पवन साहू व प्रदीप साहू को पूछताछ के लिए बुलाया। परिवार का आरोप है कि तीनों को 18 अगस्त की सुबह से 20 अगस्त की शाम तक पुलिस ने अपने पास रखा।
नेतराम साहू ने एसपी को दी शिकायत में आरोप लगाया कि इस दौरान करीब 10 से 12 पुलिसकर्मियों ने उनके दोनों बेटों को लाठियों से पीटा और हत्या का अपराध कबूल करने के लिए दबाव बनाया।
कूल्हे पर चोट के निशान, अस्पताल में कराया गया भर्ती
परिवार के मुताबिक, कथित मारपीट के बाद पवन और प्रदीप की हालत बिगड़ गई। उनके कूल्हे पर सूजन और लाल निशान होने का दावा किया गया है।
परिजनों ने चोट के निशानों का वीडियो भी बनाया और इसे शिकायत के साथ एसपी को सौंपा। बाद में दोनों युवकों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराने की बात सामने आई है।
36 घंटे बाद गांव के बाहर छोड़ने का आरोप
परिवार का आरोप है कि करीब 36 घंटे तक पूछताछ करने के बाद 20 अगस्त की शाम पुलिस तीनों को बरबसपुर गांव के प्रवेश द्वार के पास छोड़कर चली गई।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान उन्हें वकील या परिवार के सदस्यों से मिलने नहीं दिया गया और समय पर इलाज की सुविधा भी नहीं मिली।
हत्या की घटना के समय दूसरे गांव में होने का दावा
एसपी को दी शिकायत में नेतराम साहू ने दावा किया कि हत्या वाले दिन वह अपने दोनों बेटों के साथ दूसरे गांव में लड़की देखने गए थे। इसी दौरान उन्हें बुजुर्ग महिला की मौत की जानकारी मिली।
परिवार का आरोप है कि पुलिस असली आरोपी की तलाश करने के बजाय उन्हें हत्या के मामले में फंसाने की कोशिश कर रही है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पुलिस का क्या कहना है?
एडिशनल एसपी कीर्तन राठौर के मुताबिक, तीनों मृतका के रिश्तेदार हैं और हत्या के मामले में मुख्य संदेही हैं। इसी सिलसिले में उनसे पूछताछ की जा रही थी। पुलिस अधिकारी ने कहा कि कस्टडी में मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोपों की अलग से निष्पक्ष जांच की जा रही है। साथ ही हत्या के मामले की जांच भी जारी है।












