मोदी की जगह गडकरी पर दांव लगा सकता है संघ, जानिए क्या रहा नागपुर में उनका हाल?

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मुंबई: 2024 लोकसभा चुनावों में जहां बीजेपी को झटका लगा है, तो वहीं दूसरी ओर नागपुर लोकसभा सीट से बीजेपी के नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी बढ़त बनाए हुए हैं। वे 70 हजार वोटों से आगे हैं। नितिन गडकरी कांग्रेस के कैंडिडेट विकास ठाकरे से काफी आगे चल रहे हैं। नागपुर से उनकी जीत निश्चित मानी जा रही है। ऐसे में जब बीजेपी को अपने बूते पर स्पष्ट बहुमत नहीं मिल रहा है। तब क्या नितिन गडकरी प्रधानमंत्री बन सकते हैं? क्योंकि नितिन गडकरी के हमेशा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से हमेशा अच्छे रिश्ते रहे हैं। यह भी संयोग है कि वह जिस लोकसभा का प्रतिनिधित्व करते हैं। संघ का मुख्यालय भी उसी में आता है। इस बर चुनावों में नितिन गडकरी नए संकल्प के साथ मैदान में उतरे थे। उन्होंने कहा बिना पोस्टर लगाए हुए चुनाव प्रचार किया था। नितिन गडकरी बीजेपी के ऐसे नेता है जिनके नाम पर विपक्ष के कुछ दल भी समर्थन दे सकते हैं। महाराष्ट्र से पीएम बनाए जाने की शर्त पर शिवसेना यूबीटी भी साथ आ सकती है। ऐसा करके संघ और बीजेपी शरद पवार की संभावित गुगली को बेकार कर सकती है। शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत ने चुनावों के बाद देवेंद्र फडणवीस को नितिन गडकरी के जरिए ही निशाने पर लिया था। राउत ने कहा था कि फडणवीस ने वहां पर सही से समर्थन नहीं दिया। फडणवीस भी नागपुर से आते हैं। वे नागपुर से ही विधायक हैं।

हैट्रिक की ओर गडकरी

नितिन गडकरी पहली बार 2014 में चुने गए तब ऐसा माना गया था कि मोदी लहर के चलते उन्होंने कांग्रेस के नेता विलास मुत्तेमवार काे हराया। 2019 लोकसभा चुनावों में नितिन गडकरी ने महाराष्ट्र कांग्रेस के मौजूदा अध्यक्ष नाना पटोले को शिकस्त दी थी। उस चुनाव में गडकरी जीते थे लेकिन उनकी जीत का मार्जिन 2014 की तुलना में घट गया था। गडकरी 2.16 लाख वोटों के अंतर से जीते थे। गडकरी के सामने जहां लगातार तीसरी बार न सिर्फ जीत की चुनौती है बल्कि अंतर भी बढ़ाने का दबाव है, तो वहीं कांग्रेस उलटफेर की कोशिश की थी। नितिन गडकरी ने चुनावों के पूर्व एक कार्यक्रम में कहा कि काम वाले का नाम कम होता है। वह कई मौकों पर विपक्ष की तालियां बटोर चुके हैं।

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