
कोरबा।सीएसईबी के Chhattisgarh State Electricity Board के अंतर्गत संचालित KTPS (कोरबा थर्मल पावर स्टेशन) में एक बार फिर राखड़ फिलिंग और परिवहन (Korba Thermal Power Station ash filling controversy) व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज है।
सूत्रों और क्षेत्रीय चर्चाओं के अनुसार, ढेलवाडीह क्षेत्र में हाल ही में हुए एक घटनाक्रम के बाद बंद पड़े पावर प्लांट परिसर में फिर से राख डंपिंग कराए जाने की बात सामने आ रही है। कुछ लोगों का दावा है कि इस प्रक्रिया से संबंधित ठेकेदार को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि राखड़ डंपिंग और परिवहन कार्यों में पारदर्शिता को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। उनका आरोप है कि ठेका प्रक्रिया और निगरानी व्यवस्था को लेकर स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है।
फिलहाल इस संबंध में कोई लिखित शिकायत या जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है। प्रशासन और संबंधित विभाग से स्पष्टीकरण की मांग की जा रही है।



