
शक्ति। जिले में हालिया प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर माहौल गरमा गया है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने SDM और उनकी टीम पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया है कि कार्रवाई का तरीका “चयनात्मक” है और इससे कथित माफिया तत्वों को परोक्ष लाभ मिल रहा है।
पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता जयनाथ केराम ने कहा कि अधिकारियों को “मैदानी हकीकत समझने और कानून के सही उपयोग” के लिए प्रशिक्षण लेने की जरूरत है। उनके मुताबिक हाल की कार्रवाई में बड़े स्तर पर सक्रिय लोगों पर सख्ती नजर नहीं आई, जबकि छोटे लोगों पर दबाव ज्यादा दिखा।
“रजिस्ट्री शून्य करने का अधिकार सिविल कोर्ट को”
गोगपा पदाधिकारियों ने दावा किया कि जमीन की रजिस्ट्री होने के बाद उसे शून्य घोषित करने का अधिकार सिविल कोर्ट को होता है, न कि कलेक्टर को। आरोप लगाया गया कि भूमाफियाओं के इशारे पर SDM ऐसे फैसले ले रहे हैं, जिनसे आगे चलकर हाईकोर्ट जाने की स्थिति बने।
पार्टी नेताओं का कहना है कि यदि प्रशासन कानून के प्रावधानों का सख्ती और पारदर्शिता से पालन नहीं करेगा तो जनता का भरोसा कमजोर होगा। उन्होंने SDM और टीम को “व्यावहारिक प्रशिक्षण” लेने की नसीहत देते हुए कहा कि कागजी प्रक्रिया और जमीनी सच्चाई में फर्क समझना जरूरी है।
VIDEO ने बढ़ाई हलचल
पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में गोगपा नेता प्रशासनिक कार्यशैली पर खुलकर सवाल उठाते और जवाबदेही की मांग करते दिख रहे हैं। अब नजर इस बात पर है कि जिला प्रशासन इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देता है। फिलहाल शक्ति में यह मुद्दा राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।



