रायपुर

Life Saving Surgery : रायपुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में एक बड़ी कामयाबी…! युवक का कटा हुआ हाथ बचाया…डॉ. कृष्णकांत साहू की टीम ने नामुमकिन को कर दिखाया मुमकिन

अत्यंत जटिल ऑपरेशन

रायपुर, 10 फरवरी। Life Saving Surgery : पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) के हार्ट-चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग ने एक और जटिल और जीवन रक्षक सर्जरी में सफलता हासिल की। डॉ. कृष्णकांत साहू के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने चाकू से कटे युवक की सबक्लेवियन आर्टरी को जोड़कर न केवल उसकी जान बचाई, बल्कि हाथ भी सुरक्षित किया।

34 वर्षीय युवक अमलेश्वर का निवासी है और इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी में काम करता है। वह मोटरसाइकिल से परिवार के साथ जा रहा था, जब इलेक्ट्रिक रिक्शा चालक ने विवाद के दौरान उसके बाएं कंधे पर धारदार चाकू से हमला किया। घाव इतना गंभीर था कि मुख्य धमनी (सबक्लेवियन आर्टरी) पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे हाथ में रक्त प्रवाह रुक गया और हाथ काले पड़ने लगा।

अत्यंत जटिल ऑपरेशन

डॉ. साहू और उनकी टीम ने कॉलर बोन को काटकर धमनी तक पहुंच बनाई। घाव लगभग 3 सेमी लंबा था और इसे जोड़ने के लिए 7×30 मिमी का डेक्रॉन ग्राफ्ट (कृत्रिम नस) लगाया गया। ऑपरेशन लगभग 4 घंटे चला, इस दौरान 5 यूनिट रक्त चढ़ाया गया। ब्रैकियल प्लेक्सस (हाथ की मुख्य नस) को सुरक्षित रखते हुए हाथ में रक्त प्रवाह बहाल किया गया और कॉलर बोन को प्लेट लगाकर जोड़ दिया गया।

टीमवर्क से संभव हुई सफलता

ऑर्थोपेडिक सर्जनों डॉ. प्रणय श्रीवास्तव और डॉ. लोमेश साहू, एनेस्थेटिस्ट डॉ. संकल्प दीवान, डॉ. बालस्वरूप साहू, जूनियर डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की समन्वित कोशिशों से यह ऑपरेशन सफल हुआ।

मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ है और अपने रोजमर्रा के काम पर लौट चुका है। डॉक्टरों ने बताया कि समय पर सही निर्णय और विशेषज्ञ टीम की मेहनत के कारण ही हाथ कटने और दिव्यांग बनने से बचा जा सका। डॉ. विवेक चौधरी, डीन, महाविद्यालय, और डॉ. संतोष सोनकर, अधीक्षक, अम्बेडकर अस्पताल ने इस सफलता को अस्पताल और छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय बताया।

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