कोरबा

Korba DMF Scam : करतला जनपद पंचायत में 5% कमीशन की मांग का आरोप…! सरपंच संघ ने खोला मोर्चा

पूर्व कलेक्टर रानू साहू के जेल जाने के बाद भी नहीं थम रहा भ्रष्टाचार, सीईओ पर गंभीर आरोप

कोरबा, 21 जुलाई। Korba DMF Scam : जिले में जिला खनिज न्यास निधि (DMF) को लेकर एक बार फिर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इस बार मामला जनपद पंचायत करतला का है, जहां विकास कार्यों की राशि जारी करने के एवज में 5% कमीशन मांगे जाने का सनसनीखेज आरोप लगा है।

आरोपों के घेरे में जनपद पंचायत करतला के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) वैभव कौशिक हैं, जिन पर सरपंचों ने आरोप लगाया है कि वे ग्राम पंचायतों से 5% राशि अग्रिम तौर पर जमा कराने की शर्त पर ही योजनाओं की प्रथम किश्त (चेक) जारी कर रहे हैं।

इस संबंध में जनपद उपाध्यक्ष मनोज झा के नेतृत्व में 35 ग्राम पंचायतों के सरपंचों और सरपंच संघ के प्रतिनिधियों ने जनपद कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर विरोध जताया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि यह मांग जिला स्तरीय अधिकारियों के हवाले से की जा रही है और यह सरासर अवैध और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाली है।

मनोज झा बोले- “भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ेंगे निर्माण कार्य”

जनपद उपाध्यक्ष मनोज झा ने आरोपों की पुष्टि करते हुए कहा, “हमारे पास 35 सरपंचों का ज्ञापन आया है जिसमें DMF मद से स्वीकृत कार्यों, जैसे आंगनबाड़ी भवन निर्माण आदि की राशि जारी करने के लिए 5% कमीशन मांगा जा रहा है। अगर पहले 5% और कार्य के दौरान 10% और लिया गया, तो कुल 15% की उगाही होगी, जिससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता गिर जाएगी और एक साल में ही भवन बेकार हो जाएंगे।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आवश्यक हुआ, तो यह मामला उच्च स्तर तक ले जाया जाएगा।

सीईओ ने आरोपों को किया खारिज

इस बीच, जनपद सीईओ वैभव कौशिक ने सभी आरोपों को बेबुनियाद और निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि योजनाओं की स्वीकृति और राशि वितरण नियमों के तहत ही किया जा रहा है, और किसी प्रकार का अनैतिक दबाव नहीं डाला गया है।

सरपंच संघ की मांग

ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट मांग की है कि स्वीकृत योजनाओं की राशि बिना किसी दबाव के तत्काल उपलब्ध कराई जाए, जिससे जनहित के कार्य समय पर पूरे हों और शासन की पारदर्शिता की नीति बनी रहे। सरपंचों ने इस मामले की शिकायत की प्रतिलिपि जिला कलेक्टर और जिला पंचायत के सीईओ को भी भेजी है।

रानू साहू और पहले से विवादों में DMF

गौरतलब है कि कोरबा जिले में इससे पहले भी पूर्व कलेक्टर रानू साहू और कई राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों के खिलाफ DMF घोटाले को लेकर ईडी और भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसियों ने कार्रवाई की थी। बावजूद इसके, भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं लगना, प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

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