
कोरबा। Illegal sand mining in Korba जिले में अवैध रेत खनन को लेकर सख्ती के दावे लगातार हो रहे हैं, लेकिन जमीनी तस्वीर कुछ और ही कहानी बता रही है। झींका और कुदमुरा घाट से रात के अंधेरे में रेत का उठाव जारी है, जबकि कलेक्टर द्वारा खनन और परिवहन पर सख्त रोक के स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं।
Korba Jhinka Kudmura ghat स्थानीय सूत्रों के मुताबिक रात होते ही घाटों पर ट्रैक्टर और हाइवा की आवाजाही बढ़ जाती है। नदी से खुलेआम रेत निकाली जा रही है और निगरानी व्यवस्था कागजों तक सीमित नजर आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पूरी रात मशीनों की आवाज सुनाई देती है, लेकिन रोकथाम के लिए कोई टीम मौके पर नहीं पहुंचती।
इसी बीच कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार झींका घाट से रेत लेकर दर्री स्थित नए पावर प्लांट की ओर जा रहे तीन हाइवा को हाल ही में खनिज विभाग ने अवैध परिवहन करते हुए पकड़ा था।
हालांकि इसके बाद शहर में चर्चा तेज है कि पकड़ी गई गाड़ियों को कुछ समय बाद छोड़ दिया गया। अब यह सवाल उठ रहा है कि आखिर किस आधार पर राहत दी गई? क्या वैधानिक प्रक्रिया पूरी की गई या फिर ‘सेटिंग’ के जरिए मामला हल कर लिया गया?
सूत्रों का दावा है कि रात में खनन और परिवहन का सिलसिला लगातार जारी है। कार्रवाई के बाद भी वही गाड़ियां फिर सड़कों पर दिखने लगती हैं, जिससे सख्ती की पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर लगातार और पारदर्शी कार्रवाई हो तो इस अवैध कारोबार पर लगाम लग सकती है। लेकिन बार-बार गाड़ियों के छूटने की खबरें माफिया के हौसले और मजबूत कर रही हैं।
अब देखना यह है कि इन खुलासों के बाद प्रशासन सख्त कदम उठाता है या फिर झींका और कुदमुरा घाट में ‘रात का खेल’ यूं ही चलता रहेगा।



