
कोरबा। पूर्व में Lanco Amarkantak Power Limited के नाम से संचालित और अब Adani Power Limited के अधीन चल रही 2×660 मेगावॉट यानी 1320 मेगावॉट विस्तार परियोजना को लेकर आयोजित जनसुनवाई में समर्थन और विरोध दोनों की आवाजें सुनाई दीं।

जनसुनवाई के दौरान जहां एक वर्ग ने परियोजना से रोजगार और क्षेत्रीय विकास की उम्मीद जताई, वहीं कई ग्रामीणों ने जमीन अधिग्रहण को लेकर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराईं। ग्रामीणों का आरोप था कि प्रस्तावित विस्तार के दायरे में गांव का तालाब, मुक्तिधाम और कुछ सरकारी जमीन भी शामिल कर ली गई है। उनका कहना था कि ये सिर्फ जमीन का मामला नहीं है, बल्कि गांव की आस्था, जल स्रोत और सार्वजनिक उपयोग की भूमि का प्रश्न है।
कुछ वक्ताओं ने पर्यावरणीय प्रभाव, जल उपयोग और प्रदूषण को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि परियोजना के विस्तार से पहले स्पष्ट रूप से बताया जाए कि पानी का स्रोत क्या होगा और आसपास के गांवों पर इसका क्या असर पड़ेगा।
वहीं कंपनी पक्ष ने अपने प्रस्तुतीकरण में कहा कि सभी प्रक्रियाएं नियमानुसार की जा रही हैं और स्थानीय लोगों के हितों का ध्यान रखा जाएगा। रोजगार, CSR गतिविधियों और बुनियादी सुविधाओं के विकास का भी भरोसा दिया गया।
जनसुनवाई में प्रशासनिक अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। समर्थन और विरोध के बीच अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आगे प्रशासन और संबंधित विभाग आपत्तियों पर क्या निर्णय लेते हैं।




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