
कोरबा। Kedar Kashyap Korba Visit वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने अपने दो दिवसीय कोरबा प्रवास के दौरान वन संरक्षण, वन आधारित आजीविका और मानव-हाथी द्वंद्व की रोकथाम से जुड़ी गतिविधियों का जायजा लिया। मंत्री ने पाली विकासखंड के ग्राम डोंगानाला स्थित वनौषधि प्रसंस्करण केंद्र का निरीक्षण कर स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद किया। वहीं चोटिया स्थित हाथी नियंत्रण केंद्र पहुंचकर हाथी मित्र दल के सदस्यों से मुलाकात की और उन्हें मोटरसाइकिल व सुरक्षा किट प्रदान की।

वनौषधियों से महिलाओं को मिल रहा रोजगार
वनमंत्री केदार कश्यप ने डोंगानाला स्थित वनौषधि प्रसंस्करण केंद्र में हरि बोल स्व-सहायता समूह की महिलाओं से मुलाकात की। उन्होंने महिलाओं से वनौषधियों के संग्रहण, प्रसंस्करण और तैयार किए जा रहे उत्पादों की जानकारी ली।
महिलाओं ने बताया कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध वन संसाधनों का उपयोग कर विभिन्न उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। मंत्री ने समूह की महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वन संसाधनों का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ महिलाओं के लिए रोजगार और आय के नए अवसर पैदा कर सकता है।
उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करना और वन आधारित आजीविका को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
हाथी नियंत्रण केंद्र में मानव-हाथी द्वंद्व पर मंथन
इसके बाद वनमंत्री पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड के चोटिया स्थित हाथी नियंत्रण केंद्र पहुंचे। यहां उन्होंने हाथी मित्र दल के सदस्यों से मुलाकात कर क्षेत्र में हाथियों की गतिविधियों और ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी आवाजाही की स्थिति की जानकारी ली।
मानव-हाथी द्वंद्व की रोकथाम के लिए वनमंत्री ने हाथी मित्र दल को मोटरसाइकिल और सुरक्षा किट प्रदान की। उन्होंने कहा कि जंगल और ग्रामीण क्षेत्रों में हाथियों की गतिविधियों पर समय रहते नजर रखना तथा तत्काल सूचना उपलब्ध कराना बेहद महत्वपूर्ण है।
स्थानीय लोगों की भूमिका अहम
मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मानव-हाथी द्वंद्व को कम करने के लिए वन विभाग, प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। समय पर सूचना, सतर्कता और प्रभावी निगरानी से संभावित घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
उन्होंने वन प्रबंधन समितियों के सदस्यों से भी चर्चा की और वन संरक्षण तथा वन्यजीव सुरक्षा में ग्रामीणों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। मंत्री ने हाथी मित्र दल और वन प्रबंधन समितियों को ग्रामीणों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लगातार निगरानी और समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए।
इस दौरान कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, स्थानीय जनप्रतिनिधि, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, वन प्रबंधन समितियों के सदस्य, हाथी मित्र दल के सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।














