
Karnataka News: बेंगलुरु। कर्नाटक में नई सरकार के गठन और विभागों के बंटवारे के महज एक दिन बाद ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें बेंगलुरु शहरी विकास मंत्रालय देने का वादा किया गया था, लेकिन विभागों के अंतिम आवंटन में यह वादा पूरा नहीं किया गया।
Karnataka News: कोरमंगला स्थित अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में रेड्डी ने कहा कि उनका इस्तीफा किसी व्यक्तिगत नाराजगी का परिणाम नहीं है, बल्कि जनता के सामने सच्चाई रखने के लिए उठाया गया कदम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह विधायक बने रहेंगे और कांग्रेस पार्टी नहीं छोड़ेंगे।
Karnataka News: रेड्डी ने कहा, मेरा मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार या सिद्धारमैया से कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं है। मैं केवल अपने इस्तीफे की वास्तविक वजह जनता को बताना चाहता हूं। मैं पिछले 53 वर्षों से कांग्रेस का निष्ठावान कार्यकर्ता हूं और पार्टी ने मुझे कई अवसर दिए हैं। मैंने मंत्री पद छोड़ा है, कांग्रेस नहीं।
Karnataka News: उन्होंने बताया कि वह लगातार आठ बार विधायक चुने जा चुके हैं और विभिन्न सरकारों में मंत्री के रूप में जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। रेड्डी का दावा है कि मुख्यमंत्री बनने से पहले डीके शिवकुमार ने उन्हें आश्वासन दिया था कि सत्ता परिवर्तन के बाद उन्हें बेंगलुरु शहरी विकास मंत्रालय सौंपा जाएगा। हालांकि विभागों के बंटवारे में उन्हें जल संसाधन विभाग दिया गया, जिससे वह असंतुष्ट थे।
Karnataka News: विभागों के बंटवारे के बाद शुरू हुआ विवाद
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने गुरुवार को मंत्रियों के बीच विभागों का आवंटन किया था। उन्होंने वित्त, कैबिनेट मामले, खुफिया विभाग तथा कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार जैसे महत्वपूर्ण विभाग अपने पास रखे हैं।
Karnataka News: उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर को राजस्व और खेल विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं प्रियांक खरगे को गृह विभाग (खुफिया शाखा को छोड़कर), सूचना प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी और ई-गवर्नेंस विभाग सौंपे गए हैं। सतीश जारकीहोली को लोक निर्माण विभाग तथा कृष्णा बायरे गौड़ा को ग्रेटर बेंगलुरु विकास विभाग का प्रभार मिला है।




