
kapil sibbal: नई दिल्ली। cockroach janata partys protesters protection fund सीनियर एडवोकेट और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के प्रोटेस्टर्स प्रोटेक्शन फंड के लिए 1 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद और मुफ्त कानूनी सहायता देने की बड़ी घोषणा की है। यह ऐलान उन्होंने CJP के प्रतिनिधि अभिजीत दिपके और प्रवक्ता सौरव दास के साथ आयोजित एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कपिल सिब्बल ने स्पष्ट किया कि यह उनका व्यक्तिगत योगदान है। इस फंड के प्रबंधन, देखरेख या पैसों के वितरण में उनकी कोई प्रत्यक्ष प्रशासनिक भूमिका नहीं होगी, बल्कि CJP खुद इसका पूरा प्रबंधन संभालेगी। सिब्बल ने देश के अन्य वकीलों से भी अपील की है कि वे आगे आएं और आंदोलनरत छात्रों के कानूनी संरक्षण में अपना योगदान दें।
kapil sibbal: छात्रों पर दर्ज मुकदमे तुरंत वापस ले सरकार:सिब्बल
छात्रों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई और लाठीचार्ज का जिक्र करते हुए सिब्बल ने कहा, छात्रों के साथ जो लाठीचार्ज हुआ और उन पर जो मुकदमे लगाए गए हैं, सरकार ने उन्हें वापस लेने का वादा किया है। लेकिन, उन मुकदमों से CJP और छात्रों को प्रोटेक्ट करने के लिए भी काम करने की जरूरत है। इसलिए मैं CJP को सुरक्षा प्रदान करने के लिए 1 करोड़ रुपए का योगदान दूंगा। उन्होंने इसे एक ‘ऑर्गेनिक आंदोलन’ बताते हुए कहा कि इसमें भारी संख्या में छात्रों ने हिस्सा लिया है और यह देश की व्यवस्था बदलने के लिए एक सकारात्मक प्रयास है।
कपिल सिब्बल ने कहा, सीजेपी ने अपने स्तर पर छात्रों के मुकदमे वापस लेने के लिए सरकार से बातचीत की है। मुकदमे वापस हो जाएंगे तो उनको राहत मिलेगी. लेकिन अगर मुकद्दमे वापस नहीं होते हैं तो फिर उनको एफआईआर को रद्द (Quash) कराने के लिए इनको लड़ना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भले ही वे इस आंदोलन का हिस्सा नहीं रहे, लेकिन छात्रों की कानूनी और वित्तीय सुरक्षा के लिए वे पूरी तरह साथ खड़े हैं।
kapil sibbal: CJP ने दी चेतावनी: मंगलवार तक आदेश जारी न हुआ तो होगा फिर आंदोलन
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि सरकार की ओर से छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की बात कही गई थी, लेकिन फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है। CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा, सरकार की तरफ से हमें मंगलवार तक का समय दिया गया है। अगर सरकार मंगलवार तक सभी छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने का आदेश जारी नहीं करती है, तो CJP दोबारा उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाएगी। जरूरत पड़ने पर एफआईआर (FIR) को रद्द (Quash) कराने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी और फिर से धरना-प्रदर्शन किए जाएंगे।






