Voter List Controversy : मतदाता धोखेबाज…? आयोग की भाषा पर कांग्रेस का उबाल…SIR प्रक्रिया पर सवालों की बौछार
कांग्रेस का सवाल- किसके इशारे पर चल रहा आयोग?
महासमुंद, 09 जनवरी। Voter List Controversy : स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के नाम पर चल रही मतदाता सूची प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस जिला ग्रामीण अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे ने निर्वाचन आयोग और सरकार पर सीधा, तीखा और विस्फोटक हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग की वेबसाइट पर मतदाताओं के लिए ‘धोखेबाज” जैसे शब्दों का इस्तेमाल लोकतंत्र का अपमान है।
वोट डालने वाला धोखेबाज– कांग्रेस का सवाल
बंजारे ने कहा कि जिन नागरिकों के नाम किसी कारणवश मतदाता सूची में नहीं दिख रहे या काट दिए गए हैं, उन्हें कैटेगरी के अनुसार “धोखेबाज” की श्रेणी में डालना बेहद आपत्तिजनक है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी का नाम कट गया है, तो वह व्यक्ति धोखेबाज कैसे हो सकता है?
आधार मांगो, फिर नाम काटो– यह जनता की बेइज्जती
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर लिखा जा रहा है कि, धोखेबाज व्यक्ति आधार कार्ड लेकर दावा करें। उन्होंने कहा कि यह कोई प्रशासनिक भाषा नहीं, बल्कि आम जनता का खुला अपमान है।
2003 की सूची देने के बाद भी नाम कट रहे
बंजारे ने दावा किया कि सभी औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी करने और 2003 की मतदाता सूची तक उपलब्ध कराने के बावजूद लोगों के नाम काटे जा रहे हैं। उन्होंने इसे सुनियोजित साजिश करार दिया।
किसके इशारे पर चल रहा आयोग?
उन्होंने सीधे सवाल किया कि निर्वाचन आयोग आखिर किसके इशारे पर काम कर रहा है? जो जनता वोट देकर सरकार बनाती है, उसी जनता को “धोखेबाज” कहना लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा है।
तकनीकी गलती नहीं, वोट की चोरी
कांग्रेस जिला ग्रामीण अध्यक्ष ने कहा कि यह कोई तकनीकी चूक नहीं, बल्कि वोट काटने का खेल और लोकतंत्र पर डाका है। कांग्रेस इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।
आंदोलन की चेतावनी
बंजारे ने चेतावनी दी कि यदि तुरंत इस अपमानजनक भाषा और संदिग्ध प्रक्रिया को नहीं रोका गया, तो कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक बड़ा आंदोलन छेड़ेगी।



