Inspection of Waqf Properties : वक्फ संपत्तियों का निरीक्षण…! किराया बकाया पर सख़्ती…पारदर्शिता और जवाबदेही का भरोसा

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कोरबा, 10 जुलाई। Inspection of Waqf Properties : छत्तीसगढ़ राज्य वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज के निर्देश पर बोर्ड के सदस्य फैज़ान सरवर ख़ान ने कोरबा जिले के प्रमुख वक़्फ़ परिसरों जामा मस्जिद, मदरसा दारुल उलूम यतीमख़ाना और मस्जिद गरीब नवाज़ का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित कमेटी सदस्यों और दुकानदारों से बैठकें कर वक़्फ़ संपत्तियों की स्थिति की समीक्षा की।

किराया बकाया पर कड़ी चेतावनी

निरीक्षण में यह तथ्य सामने आया कि कई दुकानदार लंबे समय से किराया जमा नहीं कर रहे हैं। वहीं, जिनसे किराया लिया जा रहा है, वह भी वर्तमान बाजार दर की तुलना में बहुत कम है। इस पर फैज़ान सरवर ख़ान ने सख़्त लहजे में कहा कि, “वक़्फ़ संपत्तियों से होने वाली आय समाज के ग़रीब, यतीम और ज़रूरतमंद लोगों के लिए होती है। इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।”

उन्होंने निर्देशित किया कि सभी किरायेदार समय पर किराया अदा करें, ताकि वक़्फ़ संपत्तियों की आमदनी में इजाफा हो सके। जो दुकानदार लंबे समय से बकाया जमा नहीं कर रहे थे, उनसे संवाद कर एक माह में तीन किस्तों में बकाया जमा कराने का इकरारनामा भरवाया गया।

निरीक्षण के दौरान जामा मस्जिद परिसर की दो दुकानों के बारे में शिकायत आई थी कि उन्हें बेचा गया है। लेकिन जांच में पाया गया कि दुकानदार केवल किरायेदार हैं, और उन्होंने किराया रसीदों व इकरारनामों के दस्तावेज प्रस्तुत किए। कोई रजिस्ट्री पेपर मौजूद नहीं था, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि यह सिर्फ अफवाह थी।

सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश

फैज़ान सरवर ख़ान ने कहा, वक़्फ़ संपत्तियां समाज की अमानत हैं। इनका संरक्षण और ईमानदार प्रबंधन हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि वक़्फ़ बोर्ड पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करता रहेगा, और किसी भी अनियमितता या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बैठक में मौजूद प्रमुख लोग

इस मौके पर कई ज़िम्मेदार और स्थानीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिनमें शामिल थे, फैज़ान अहमद (शेबु) बिलासपुर, क़ारी सैयद शब्बीर अहमद अशरफी, सदर, जामा मस्जिद इंतज़ामिया कमेटी, हाजी अख़लाक ख़ान अशरफी सेक्रेटरी, हाजी अब्दुल रज्जाक मेमन, हलीम शेख, बरकत ख़ान मदरसा दारुल उलूम रिज़विया, मस्जिदों के इमाम, कमेटी के सदस्य और दुकानदार शामिल रहे।

इस निरीक्षण और संवाद का मकसद सिर्फ अव्यवस्थाओं पर लगाम नहीं, बल्कि वक़्फ़ संपत्तियों को समाजहित में अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग में लाना है। आने वाले दिनों में ऐसी कार्यवाहियां प्रदेश के अन्य वक़्फ़ परिसरों में भी देखने को मिल सकती हैं।

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