India LPG Crisis : युद्ध के बीच भारत अलर्ट…US और रूस से तेल-गैस की सप्लाई जारी
नई दिल्ली, 22 मार्च। India LPG Crisis : मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत में एलपीजी संकट की आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वरिष्ठ मंत्रियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर स्थिति की समीक्षा की।
US और रूस से राहत की सप्लाई
तनावपूर्ण हालात के बीच अमेरिका के टेक्सास से LPG लेकर एक कार्गो शिप मंगलुरु बंदरगाह पहुंचा है। वहीं रूस से भी कच्चा तेल लेकर एक जहाज भारत आया है। पिछले 7 दिनों में करीब 5 जहाज गैस और क्रूड ऑयल लेकर भारत पहुंचे हैं, जिससे सप्लाई बनाए रखने में राहत मिली है।
फारस की खाड़ी में फंसे भारतीय जहाज
बताया जा रहा है कि फारस की खाड़ी में करीब 22 भारतीय जहाज अब भी फंसे हुए हैं। हालांकि सभी जहाज सुरक्षित बताए जा रहे हैं, लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
हाल के दिनों में पहुंचे बड़े शिपमेंट
- 16 मार्च: ‘शिवालिक’ जहाज 46,000 मीट्रिक टन LPG लेकर Mundra Port पहुंचा
- 17 मार्च: ‘नंदा देवी’ जहाज 46,000 टन LPG लेकर Vadin ar Port पहुंचा
- 18 मार्च: ‘जग लाडकी’ टैंकर 80,886 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंचा (UAE से लोड)
होर्मुज स्ट्रेट बना संकट की जड़
Strait of Hormuz, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है, इस समय सबसे बड़ा चिंता का कारण बना हुआ है। करीब 167 किमी लंबा यह मार्ग दुनिया के लगभग 20% पेट्रोलियम सप्लाई का मुख्य रास्ता है। ईरान से जुड़े तनाव के कारण इस रूट पर खतरा बढ़ गया है, जिससे तेल टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
क्यों बढ़ा LPG संकट?
सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश अपने तेल निर्यात के लिए इसी रूट पर निर्भर हैं। ऐसे में सप्लाई चेन प्रभावित होने से भारत में LPG की किल्लत जैसे हालात बनने लगे हैं। सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और वैकल्पिक स्रोतों से सप्लाई सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं, ताकि आम जनता पर इसका असर कम से कम पड़े।



