ED raid: मंत्री के पर्सनल सेक्रेटरी के नौकर के पास फिर निकला 30 करोड़ नोटों का बंडल, गिनती के लिए मंगानी पड़ी मशीन

Desk Reporter
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रांची। ED raid: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रांची में कई ठिकानों पर छापेमारी की है। जांच में झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम के पीएस संजीव लाल के घरेलू सहायक से भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई है। सूत्रों के मुताबिक, अभी तक 30 करोड़ रुपये के कैश बरामदगी का अनुमान हैं।

ED raid: बता दें कि ईडी ने कुछ योजनाओं के कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फरवरी 2023 में झारखंड ग्रामीण विकास विभाग के मुख्य अभियंता वीरेंद्र के. राम को गिरफ्तार किया था। कुछ दिन पहले ही पीएम मोदी जब झारखंड में चुनाव प्रचार कर रहे थे तो उन्होंने करप्शन का मुद्दा उठाया था और उनकी रैली के कुछ दिन बाद यह कार्रवाई हुई है जिसमें बड़ी मात्रा में यह कैश मिला है।

ED raid: कौन हैं आलमगीर आलम

आलमगीर आलम पाकुड़ विधानसभा से कांग्रेस के चार बार विधायक रहे हैं और अभी राज्य सरकार में संसदीय कार्य और ग्रामीण विकास मंत्री हैं। इससे पहले आलमगीर आलम 20 अक्टूबर 2006 से 12 दिसंबर 2009 तक झारखंड विधानसभा अध्यक्ष भी रहे थे। आलमगीर ने सरपंच का चुनाव जीतकर राजनीति में प्रवेश किया। 2000 में पहली बार वह विधायक बने और तब से लेकर अभी तक 4 बार विधायक बन चुके हैं।

रांची में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने झारखंड सरकार में मंत्री आलमगीर आलम के निजी सचिव के नौकर के यहां छापेमारी के बाद भारी संख्या में कैश बरामद किया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, नौकर के यहां से ईडी को करीब 20-30 करोड़ रुपये कैश मिला है। इसके अलावा उसी घर में दूसरी जगह से भी तीन करोड़ रुपये बरामद किए गए हैं। मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले की जांच के दौरान आलमगीर आलम का नाम सामने आया था।

ईडी को जानकारी मिली थी कि आलमगीर आलम के मंत्रालय में भ्रष्टाचार चल रहा था और ये पैसा नौकरों के घर पर जा रहा था। उसके बाद मंत्री के निजी सचिव के यहां छापेमारी की गई। जब ईडी के अधिकारी वहां पहुंचे तो उन्हें इसका अंदाजा नहीं था कि जिस शख्स को सैलरी के रूप में 15 हजार रुपये मिलते हों, उसके घर से इतना कैश बरामद होगा। हालांकि अब अधिकारियों ने नोट गिनने वाली मशीन और कर्मचारियों को बुलाया है।

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