कोरबा

SECL : गेवरा में भू-विस्थापितों का महाप्रबंधक कार्यालय घेराव…! 4 घंटे चला आंदोलन…वैकल्पिक रोजगार और बढ़ी मुआवजा राशि की मांग पर उग्र प्रदर्शन…यहां देखें Video

30 दिसंबर को उच्च स्तरीय बैठक के आश्वासन पर समाप्त हुआ घेराव

गेवरा, 26 दिसंबर। SECL :  वैकल्पिक रोजगार और बढ़ी हुई मुआवजा राशि की मांग को लेकर पोंडी, बाहनपाठ एवं अमगांव के भू-विस्थापितों ने गेवरा स्थित एसईसीएल महाप्रबंधक कार्यालय का करीब चार घंटे तक घेराव किया। इस आंदोलन को छत्तीसगढ़ किसान सभा का समर्थन मिला और संगठन के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में घेराव में शामिल हुए। एसईसीएल अधिकारियों द्वारा 30 दिसंबर को बिलासपुर में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित करने के आश्वासन के बाद घेराव समाप्त हुआ।

घेराव के दौरान ग्राम पोंडी के भू-विस्थापित मनोज राठौर ने बताया कि नरईबोध, भठोरा, भिलाई बाजार, रलिया, पोंडी, बाहनपाठ एवं अमगांव का अधिसूचना प्रकाशन धारा 9 एक समान होने के बावजूद केवल कुछ गांवों के विस्थापितों को ही कंपनी सचिव द्वारा स्वीकृत 326वीं निदेशक मंडल बैठक (पत्र क्र. 2310, दिनांक 8.8.2022) के अनुसार बढ़ी हुई मुआवजा राशि का भुगतान किया गया है, जबकि पोंडी, बाहनपाठ और अमगांव के विस्थापितों को इससे वंचित रखा गया है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एसईसीएल ने छोटे खातेदारों को स्थायी रोजगार न मिलने की स्थिति में खदान से जुड़े वैकल्पिक कार्यों में रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन 14 वर्ष बीत जाने के बावजूद यह वादा पूरा नहीं किया गया।

छत्तीसगढ़ किसान सभा के जिला सचिव दीपक साहू ने कहा कि एसईसीएल किसानों को गुमराह कर जमीन अधिग्रहण करता है और बाद में भू-विस्थापित वर्षों तक मुआवजा, रोजगार और बसावट के लिए भटकते रहते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो गेवरा-कुसमुंडा क्षेत्र में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

भू-विस्थापितों ने जिला प्रशासन से भी समस्याओं के समाधान की मांग की, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं होने पर आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आगे भी सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।

जनपद सदस्य नेहा राजेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो खदान विस्तार कार्य भी ठप किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिग्रहण के समय झूठे वादे किए जाते हैं और बाद में नियमों का हवाला देकर किसानों को उनके अधिकारों से वंचित किया जाता है।

घेराव में प्रमुख रूप से जनपद सदस्य नेहा राजेंद्र सिंह तंवर, भू-विस्थापित सत्य नारायण ठाकुर, मनोज राठौर, रवि राठौर, नारायण दास, चेतन दास, भरत केवट, प्रणव पांडे, शिव कुमारी, रूप लाल सहित बड़ी संख्या में भू-विस्थापित उपस्थित रहे।

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