छत्तीसगढ़

Coal Mine Protest : रायगढ़ में जिंदल खदान को लेकर हिंसा…! बस-कार फूंकी…TI को लात-घूंसों-डंडों से बेदम पिटाई…गंभीर घायल…यहां देखें VIDEO

ग्रामीणों का पुलिस पर हमला, भारी बल तैनात

रायगढ़, 27 दिसंबर। Coal Mine Protest : जिले में जिंदल कोयला खदान के खिलाफ चल रहा आंदोलन सोमवार को हिंसक हो गया। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने मौके पर मौजूद पुलिस टीम पर हमला कर दिया। इस घटना में थाना प्रभारी (टीआई) कमला पुसाम गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने एक बस और एक कार में आग लगा दी, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक (एसपी) स्वयं मौके के लिए रवाना हो गए हैं। हालात को काबू में करने के लिए घटनास्थल पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। फिलहाल प्रदर्शन जारी है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों के अनुसार, कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए अतिरिक्त बल बुलाया गया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

क्‍या है पूरा मामला

रायगढ़ जिले की तमनार तहसील के धौराभाठा गांव में जिंदल कंपनी की गारे पेलमा सेक्टर-1 कोयला खनन परियोजना को लेकर प्रस्तावित जनसुनवाई ने पूरे क्षेत्र में तीखा विरोध खड़ा कर दिया है। यह परियोजना 14 गांवों की ज़मीन, जंगल और आजीविका को सीधे प्रभावित करती है, जिसके चलते स्थानीय ग्रामीण लंबे समय से एकजुट होकर इसका विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई तात्कालिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि बीते छह महीनों से चल रहा सतत संघर्ष है। उनके मुताबिक वे अपनी ज़मीन और जीवन-यापन को बचाने के लिए लगातार आवाज़ उठाते रहे हैं, लेकिन उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया। 5 दिसंबर को जब जनसुनवाई की शुरुआत होनी थी, तब ग्रामीणों ने पंडाल और टेंट लगाने से रोक दिया, जिसके कारण पहले ही दिन पूरी प्रक्रिया ठप हो गई।

ग्रामीणों ने लगाया जनसुनवाई को जनता से छुपाने का आरोप

इसके बाद ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कंपनी और प्रशासन (Jindal Coal Mine) ने मिलकर जनसुनवाई को जनता की इच्छा के विरुद्ध आगे बढ़ाने की कोशिश की। उनका कहना है कि 8 दिसंबर को जनसुनवाई को चुपचाप किसी अन्य स्थान पर आयोजित कर दिया गया और ग्रामीणों की अनुपस्थिति में इसे पूरा घोषित कर दिया गया। जिस स्थान की जानकारी आम जनता को दी गई थी, वहां कोई जनसुनवाई नहीं हुई।

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