रायपुर, 01 सितम्बर। CGPSC Scam Case : छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) के कथित घोटाले से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक और तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक ललित गनवीर को नियमित जमानत देने का आदेश दिया। मामले की सुनवाई जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की पीठ ने की।
एक साल से ज्यादा समय से जेल में थीं आरती वासनिक
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने बताया कि आरती वासनिक एक साल से अधिक समय से न्यायिक हिरासत में हैं। जांच एजेंसी की ओर से मामले में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। साथ ही ट्रायल में 100 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए जाने हैं। बचाव पक्ष ने दलील दी कि मुकदमे में हो रही देरी के लिए आरोपी जिम्मेदार नहीं हैं, बल्कि अभियोजन की स्वीकृति लंबित होने के कारण सुनवाई आगे नहीं बढ़ पा रही है।
CBI ने प्रत्यक्ष भूमिका के आरोप पर क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट में आरती वासनिक की ओर से दलील दी गई कि CBI ने उनके खिलाफ मामले में किसी प्रत्यक्ष भूमिका का आरोप नहीं लगाया है। बचाव पक्ष ने यह भी अदालत के सामने रखा कि कथित रूप से मामले से लाभान्वित अभ्यर्थियों की नियुक्तियों पर फिलहाल रोक लगी हुई है। इन परिस्थितियों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आरती वासनिक और ललित गनवीर को नियमित जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
क्या है CGPSC कथित घोटाला मामला?
CGPSC कथित घोटाला मामला वर्ष 2020 से 2022 के बीच हुई भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ा है। आरोप है कि CGPSC की परीक्षाओं और इंटरव्यू में पारदर्शिता के नियमों की अनदेखी कर राजनीतिक और प्रशासनिक प्रभाव रखने वाले परिवारों से जुड़े अभ्यर्थियों को महत्वपूर्ण पदों पर चयनित किया गया। मामले में डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य राजपत्रित पदों पर चयन को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
CBI कर रही मामले की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच CBI को सौंपी गई थी। जांच के दौरान एजेंसी ने विभिन्न ठिकानों पर कार्रवाई कर दस्तावेज और अन्य साक्ष्य बरामद किए। हालांकि, जमानत मिलना आरोपों से बरी होना नहीं है। मामले में आगे ट्रायल और न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी।
171 पदों के लिए हुई थी CGPSC 2021 परीक्षा
CGPSC परीक्षा 2021 के तहत 171 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। प्रारंभिक परीक्षा 13 फरवरी 2022 को हुई थी, जिसमें 2,565 अभ्यर्थी सफल हुए। इसके बाद 26, 27, 28 और 29 मई 2022 को मुख्य परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें 509 अभ्यर्थी पास हुए। इंटरव्यू प्रक्रिया के बाद 11 मई 2023 को 170 अभ्यर्थियों की चयन सूची जारी की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट के नियमित जमानत के आदेश से दोनों आरोपियों को बड़ी राहत मिली है, लेकिन इससे CGPSC कथित घोटाला मामले की जांच या ट्रायल समाप्त नहीं होता। अब मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी और आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में होने वाले ट्रायल के आधार पर होगी।












