CG BJP : महिला मोर्चा का प्रभारी पुरुष नेता को बनाने पर कांग्रेस का हमला, पूछा- क्या पार्टी में कोई महिला नेता नहीं?

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रायपुर, 01 सितंबर। CG BJP :  छत्तीसगढ़ भाजपा में संगठनात्मक नियुक्तियों के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव की ओर से सात प्रमुख मोर्चों के प्रदेश प्रभारियों की सूची जारी किए जाने के बाद कांग्रेस ने महिला मोर्चा के प्रभारी पद को लेकर बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। महिला मोर्चा की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेता सुभाष तिवारी को दिए जाने पर कांग्रेस ने सवाल उठाते हुए इसे महिला नेतृत्व की अनदेखी बताया है।

महिला मोर्चा की जिम्मेदारी सुभाष तिवारी को

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने सोमवार को पार्टी के विभिन्न मोर्चों के प्रदेश प्रभारियों की सूची जारी की। इसमें वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग मोर्चों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सूची में सुभाष तिवारी को महिला मोर्चा का प्रदेश प्रभारी बनाया गया है। नियुक्ति सामने आने के बाद कांग्रेस ने इसी फैसले को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है।

कांग्रेस ने BJP से पूछा- महिला नेता क्यों नहीं?

कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि भाजपा जैसी बड़ी राजनीतिक पार्टी में महिला मोर्चा के मार्गदर्शन के लिए किसी महिला नेता को जिम्मेदारी देने के बजाय पुरुष नेता को प्रभारी क्यों बनाया गया। कांग्रेस ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या भाजपा के पास अपनी महिला विंग की जिम्मेदारी संभालने के लिए एक भी सक्षम और योग्य महिला नेता नहीं है। विपक्ष ने इस नियुक्ति को भाजपा की संगठनात्मक सोच पर सवाल खड़ा करने वाला फैसला बताया है।

महिला सशक्तिकरण के दावों पर कांग्रेस का तंज

कांग्रेस ने भाजपा के महिला सशक्तिकरण के दावों को भी निशाने पर लिया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि भाजपा मंचों और भाषणों में महिलाओं को आगे बढ़ाने की बात करती है, लेकिन संगठन में जिम्मेदारी देने के मामले में महिलाओं को पर्याप्त अवसर नहीं दिए जा रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि महिला मोर्चा का प्रभारी भी किसी महिला नेता को नहीं बनाया जाना पार्टी के दावों और वास्तविकता के बीच अंतर को दिखाता है।

नियुक्ति को लेकर प्रदेश में सियासी घमासान

भाजपा की ओर से मोर्चा प्रभारियों की सूची जारी होने के बाद महिला मोर्चा की नियुक्ति प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गई है। कांग्रेस इस फैसले को महिला सम्मान, प्रतिनिधित्व और नेतृत्व के मुद्दे से जोड़कर भाजपा को घेर रही है। वहीं, भाजपा की ओर से नियुक्ति को संगठन की रणनीति के तहत लिया गया फैसला माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

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